193 MM बारिश से फिर डूबा शहर, ​200 से ज्यादा मोहल्लों में बाढ़ जैसे हालात; घरों में कैद हुए लोग

गोरखपुरमें30घंटेसेलगातारहोरहीबारिशसेशहरमेंएकबारफिरबाढ़जैसेहालातहोगएहैं।कड़ीमशक्कतकेबादमोहल्लोंसेपानीबाहरनिकालागया।इसदौरान200सेज्यादामोहल्लेजलमग्नहोगए।हालातऐसेहैंकिशहरसेलेकरदेहाततकइलाकोंकेलोगअपनेघरोंमेंकैदहोनेकोमजबूरहैं।

अधिकांशमुख्यसड़कोंपरपानीभराहुआहै।मौसमविशेषज्ञकैलाशपांडेयकेमुताबिक,रविवारतकइसीतरहसेबारिशकाप्रकोपजारीरहेगा।अबतक193MMबारिशहोचुकीहै,जिसने127सालकारिकॉर्डतोड़दिया।

डूबेयेइलाके

बारिशकीवजहसेसिंघड़ियाइलाकेमेंसांसदरविकिशनऔरदाउदपुरइलाकेमेंविधायकराधामोहनदासअग्रवालकाघरभीपानीसेघिरगया।शहरकेबैंकरोड,गोलघरसेलेकररेतीरोड,घोषकंपनी,बक्शीपुर,साहबगंज,मिर्जापुर,लालडिग्गी,गोरखनाथ,नथमलपुर,विकासनगर,विस्तारनगर,रामजानकीनगर,बशारतपुर,भेडियागढ़,विष्णुपुरम,असुरन,मेडिकलरोड,मोहद्दीपुर,कूड़ाघाट,दाउदपुर,तारामंडलरोडकाइलाकापूरीतरहपानीमेंडूबगया।

2अक्टूबर1894मेंहुईथी218.7एमएमबारिश

मौसमविभागकेमुताबिकऐसीहीजोरदारबारिश2अक्टूबर1894मेंहुईथी।उसदौरान218.7एमएमरिकार्डबारिशदर्जकीगईथी।जबकिपिछले24घंटे(शुक्रवारसुबह8.30बजेसेशनिवारसुबह8.30बजे)तकजिलेमें193MM.भारीबारिशहोचुकीहै।

27सालोंमेंअक्टूबरमाहमेंएकदिनमेंकभीइतनीबारिशनहींहुईहै।शुक्रवारसुबहसेजिलेमेंबारिशकाक्रमजारीहै।लगातारबारिशकेचलतेतापमानमेंभारीगिरावटआईहै।स्थितियहरहीकिशुक्रवारकोअधिकतमवन्यूनतमतापमानकेबीचकाअंतरएकडिग्रीसेल्सियससेभीकमरहा।इसकेचलतेलोगोंनेदिनमेंभीठंडकमहसूसकी।

अभीऔरहोगीबारिश

शनिवारसुबहकान्यूनतमतापमान22डिग्रीसेल्सियसकेकरीबरहा।मौसमविशेषज्ञकैलाशपांडेयनेबतायाकिदक्षिणपश्चिमबिहारपरकमदबावकाक्षेत्रबनाहुआहै।इसकेचलतेगोरखपुरवआस-पासकेजिलेमेंबारिशहोरहीहै।मौसमविशेषज्ञनेपूर्वानुमानजतायाथाकिशनिवारवरविवारकोजिलेमेंआधेसेअधिकस्थानोंपरमध्यमवर्षाहोसकतीहै।

हवाकीगति5से19किलोमीटरप्रतिघंटेहोसकतीहै।दिनकाअधिकतमतापमान30डिग्रीसेल्सियसकेकरीबरहसकताहै।न्यूनतमतापमान22से23डिग्रीसेल्सियसकेकरीबरहसकताहै।शुक्रवारकोदिनकाअधिकतमतापमान25.4डिग्रीसेल्सियसवन्यूनतमतापमान24.6डिग्रीसेल्सियसरहा।आर्द्रताअधिकतम95फीसदवन्यूनतम82फीसदरही।

पेड़गिरनेसेगोरखपुर-देवरियामार्गहुआबंद

वहीं,गोरखपुर-देवरियामार्गकेसरदारनगरकुस्महीजंगलकेपासआंधी-पानीसेएकसाथ8से10पेड़गिरगए।सड़कोंपरपेड़गिरेहोनेकीवजहसेकईघंटोंतकइसरूटपरआवागमनबाधितहोगया।वनविभागकीटीमसड़कोंसेपेड़हटानेमेंलगीरही।