23 वर्षो से जल संरक्षण का पाठ पढ़ा रहे रणधीर मताना

जागरणसंवाददाता,जींद:जनस्वास्थ्यएवंअभियांत्रिकीविभागकेजिलासलाहकाररणधीरमतानापिछले23सालसेलोगोंकोजलसंरक्षणकापाठपढ़ारहेहैं।जलबचानेकोलेकरविभागकीतरफसेजितनेभीसेमिनारऔरकार्यक्रमहोतेहैं,उनमेंतोरणधीरमतानामौजूदरहतेहीहैं,बल्किइससेपहलेभीवहलोगोंकोजलसंरक्षणकेप्रतिजागरूककरतेरहेहैं।1998मेंनेहरूयुवाकेंद्रसेजुड़नेकेबादसेहीवेजलकेमहत्वकोलोगोंकोसमझानेकेप्रयासमेंजुटेहैं।साल2012मेंजनस्वास्थ्यविभागमेंजिलासलाहकारकेतौरपरलगेतोयहांभीजलसंरक्षणकाहीजिम्माउन्हेंमिला।रणधीरमतानाकामाननाहैकिआधागिलासपानीकीमुहिमजलबचानेमेंसबसेकारगरसिद्धहोसकतीहै।

जलबचानेकोलेकररणधीरमतानाकाकहनाहैकिहमजबभीकिसीकोपीनेकापानीदेंतोआधागिलासपानीहीदें,अगरदोबारामांगेतोपानीदेदें,क्योंकिअकसरऐसाहोताहैकिहमपानीकाआधागिलासपीनेकेबादबाकीछोड़देतेहैं,यहव्यर्थहोजाताहै।इसेबचानाबहुतजरूरीहै।सबसेज्यादापानीकीबर्बादीयहींहोतीहै।इसकेअलावापेयजलकेनलपरटेपलगाकररखनीचाहिए।नहाने,कपड़ेधोने,बर्तनधोनेमेंबाल्टीकाप्रयोगकरें,इससेपानीउचितमात्रामेंहीखर्चहोगा।दंतमंजनयाशेविगकरतेसमयनलकोखुलानछोड़ें,फर्शकोपानीकेबजायकपड़ेसेसाफकरें,पानीसेवाहनोंकोनधोएं,अगरनलटपकरहाहोतोठीककरवाएं।बारिशकेजलकोमकानोंकीछतपरएकत्रितकरइसेवापसधरतीकेगर्भमेंभेजनेकीप्रणालीविकसितकरनीहोगी।इसलिएजरूरीहैजलसंरक्षण

रणधीरमतानानेबतायाकिजलहीजीवनकाआधारहै।आनेवालीपीढ़ीकेलिएजलकोबचानाजरूरीहै।धरतीपरयूंतो71फीसदपानीहै,लेकिनइसमें2.5फीसदहीपीनेलायकहै।विश्वमेंपानीकीउपलब्धताकोलेकरभारतकाआठवांस्थानहै।जलकोव्यर्थबहनेसेनहींरोकागयातोपीनेयोग्यपानीकमहोजाएगाऔरआनेवालेसमयमेंपेयजलकेलिएविश्वयुद्धभीहोसकताहै।इसलिएजलकीमहत्ताकोसमझनाहोगा।कृषिक्षेत्रमेंभीजलबचानेकीजरूरत

रणधीरमतानानेबतायाकिभारतमेंकृषिक्षेत्रमेंपानीकीखपत83फीसदहै।उद्योगोंमें12औरघरेलूकार्योमेंपांचप्रतिशतपानीकीखपतहोतीहै।इसलिएफसलसिचाईकरतेसमयभीपानीकीबचतजरूरीहै।ड्रिपसिस्टमयाफव्वाराकेजरियेखेतीकीजासकतीहै।सकारात्मकपरिणामआरहेसामने:रणधीरमताना

रणधीरमतानानेबतायाकिउन्हेंअपनेमिशनमेंसफलताभीमिलरहीथी।10सालपहलेतकगांवोंमेंघरोंमें20फीसदपेयजलकनेक्शनोंपरहीटेपथी,बाकीसभीनलखुलेचलतेरहतेथे।अबहरगांवमें70फीसदसेज्यादामकानोंमेंनलोंपरटेपलगीहै।जितनेभीनएमकानोंकानिर्माणहोताहै,उनमेंजलसंरक्षणकोलेकरउचितइंतजामकिएजारहेहैं।