आग बुझाने के लिए गदेरों से भरना पड़ता है पानी

ओंकारबहुगुणा,बड़कोट:अग्निशमनविभागबड़कोटमेंहाइडेंटवअपनेभवनकीकमीसेजूझरहाहै।अग्निशमनविभागकीगाड़ियोंमेंपानीभरनेकेलिएबड़कोट,पुरोला,नौगांवमेंएकभीहाइडेंटनहींहै।इससेवाहनोंमेंपानीभरनेकेलिएदेरोंसेपाइपजोड़नेपड़तेहैं।सबसेअधिकपरेशानीफायरसीजनमेंहोतीहैजबगदेरोंमेंभीपानीसूखजाताहै।साथहीअग्निशमनविभागकेकर्मचारियोंकेपासदूसरीसमस्याआवासऔरकार्यालयकीहै।

उत्तरकाशीजनपदमेंदोअग्निशमनकेन्द्रहैं।इसमेंपहलाकेन्द्रजिलामुख्यालयउत्तरकाशीमेंहै,जबकिदूसराकेंद्रयमुनाघाटीकीतीनतहसीलक्षेत्रकेलिएबड़कोटमेंस्थापितहै।बड़कोटमेंस्थापितअग्निशमनकेंद्रकीस्थितबदहालहै।विभागनेइसकेंद्रमेंअच्छेवाहनोंतोभेजेहैं।इनसेआगबुझानेमेंसरलतामिलसके।बड़कोट,नौगांव,डामटा,बर्नीगाड़,पुरोला,मोरीक्षेत्रमेंएकभीहाइडेंटनहींहै।जहांसेयेअग्निशमनकर्मीवाहनोंमेंपानीभरसके।इसलिएइनकर्मियोंकोगदेरोंसेपाइपजोड़करपानीभरनापड़ताहै।खासकरसबसेअधिकपरेशानीगर्मीकेसीजनमेंहोतीहैजबगदेरोंमेंपानीकीमात्राभीकमहोजातीहैऔरसिरपरफायरसीजनहोताहै।दूसरीपरेशानीअग्निशमनविभागकेकार्यालयऔरकर्मचारियोंकेआवासकीहै।बड़कोटफायरस्टेशनकीस्थापनावर्ष2010मेंहुई।यहांएकएसएफओसहित27कर्मचारियोंकीतैनातीकीगई।अस्थाईकार्यालयवआवास¨सचाईविभागकीपुरानीकालोनीकोबनायागया।लेकिनयहांभीभवनोंकीस्थितिबेहदहीजर्जरहै।इसकेसाथहीअग्निशमनकेवाहनोंकोरखनेकेलिएगैरेजभीनहींहै।जिससेवाहनभीसड़कोंपरखड़ेहैं।एसएफओरामसमुझनेबतायाकिजिनभवनोंमेंरहरहेवहांरखनाखतरेसेखालीनहींहै।सभीकर्मचारीसर्तकतासेरहतेहैं।अग्निशमनविभागकेकार्यालय,गैरेज,आवासतथाहाइडेंटकेलिएउच्चअधिकारियोंकोलिखाहै।