आठ साल से बालड़ी रक्षक योजना से नहीं जुड़ा कोई नया परिवार

जासं,बठिडा:पंजाबमेंपुत्रमोहकोभंगकरनेऔरकुड़ीमारकाकलंकमिटानेकेलिएराज्यसरकारने'बालड़ीरक्षकयोजना'कासुरक्षाकवचतैयारकियाथा।बालिकाओंकेलिएतैयारसुरक्षाकवचसरकारोंकेबदलनेकेसाथखुदसुरक्षाकामोहताजहोचुकाहै।पंजाबसरकारकीबालड़ीसुरक्षायोजनाराज्यभरमेंतकरीबनपूरीतरहसेदमतोड़चुकीहै।पंजाबसरकारकीबालड़ीरक्षकयोजनाजागरूकताकेअभावमेंआमलोगोंतकपहुंचनेमेंनाकामहोरहीहै।इसकाअंदाजाइसबातसेलगायाजासकताहैकिपिछले8सालमेंइसयोजनामेंकोईभीनयापरिवारनहींजुड़सकाहै।वहींसरकारकीतरफसेवर्ष2013केबादजनरलकैटेगरीके71परिवारके83मेंबरोंकोकरीब50लाख45हजाररुपयेकीराशिजारीकीगईहै।इसमेंभीस्थितियहहैकि2013सेअबतकसिर्फ83परिवारहीइसयोजनाकालाभलेरहेहैं।इसकेपीछेसबसेबड़ाकारणहैसेहतविभागकीओरसेइसस्कीमकेबारेमेंआमलोगोंकोजागरूकनकरना।

एससीवर्गकीराशिपेंडिंग

वर्तमानमें8सालबादबालड़ीरक्षकयोजनाकेतहतजोसहायताजारीकीगईहै,उसमेंजनरलकैटेगरीकोहीशामिलकियागयाहै,जबकिएससीवर्गकीराशिपेंडिंगहै।एससीवर्गकोराशिक्योंनहींआईइसकेबारेमेंअधिकारियोंकेपासफिलहालकोईजवाबनहींहै।वहींअधिकारियोंकाकहनाहैकिसेहतविभागकीओरसेएससीकैटेगरीकेलाभपात्रियोंकोफंडजारीकरनेकेलिएसरकारकोपत्रलिखागयाहै।

2013में71पहुंचीलाभपात्रियोंकीसंख्या

विभागद्वारा2005सेलेकर2010तकसिर्फ3लाभपात्रीइसयोजनामेंशामिलथे।2010से2013तकलाभपात्रियोंकीसंख्या71तकपहुंचगई,लेकिनउसकेबादसेइसयोजनामेंकिसीकोशामिलनहींकियागया।पंजाबसरकारनेलड़कियोंकीसंख्याकेग्राफमेंआईगिरावटकोदूरकरनेकेलिएइसयोजनाकीशुरूआतकीथी।इसमेंकिसीभीघरमेंएकयादोलड़कीहोनेकीसूरतमेंपरिवारकीमहिलाकीओरसेयदिनसबंदीकाआपरेशनकरवादियाजाताहैतोउसको500रुपएप्रतिमाहदोनोंको18सालतकदेनेकीघोषणाकीहै।

कबशुरूहुईथीयोजना

यहयोजनापूर्वअकाली-भाजपासरकारकेकार्यकालकेदौरानएकअप्रैल2005कोशुरूकीगईथी।वर्ष2005सेलेकर2013-2015तकमात्र71लड़कियोंकोउक्तयोजनामेंशामिलकियागया।लाभपात्रीलड़कियोंकेबैंकखातेमेंविभागकोपैसेजमाकरवानेहोतेहैं।सेहतविभागसेजुड़ेसूत्रोंकीमानेंतोसरकारद्वारावर्ष2013केबादसेइसयोजनासंबंधीसेहतविभागकोफंडहीनहींमिला।

मुझेनहींकोईजानकारी:सीएमओ

सिविलसर्जनबठिडाडा.बलवंतसिंहकाकहनाहैकि2013केबादसेबालड़ीयोजनामेंनएलाभपात्रीकोनजोड़ेजानेकेसंबंधमेंउन्हेंकोईजानकारीनहींहै।इसकेबारेमेंमैंसोमवारकोदफ्तरआनेकेबादकुछबतासकताहूं।