अगली पीढ़ी के लिए बचाइए पानी

मोतिहारी।बढ़रहीआबादीकेसाथशहरीकरणवकृषिक्षेत्रकीगतिविधियोंनेजलकीखपतबढ़ादीहै।इनखतरोंसेनिबटनेकेलिएजलसंरक्षणकेउपायोंकोलागूनहींकियागया,तोजलसंकटकासामनाकरनापड़सकताहै।जलसंकटकीसमस्यासमयकेसाथबढ़रहीहै।अबकेवलबातकरनेसेनहींबल्किइसक्षेत्रमेंठोसपहलकीजरूरतहै।जलस्त्रोतोंकोबचानेकीदिशामेंसामूहिकरूपसेप्रयासकियाजानाचाहिए,ताकिअगलीपीढ़ीकोजलसंकटकासामनानहींकरनापड़े।सरकारीस्तरपरइसकेलिएव्यापकस्तरपरअभियानचलायाजारहाहै।जल-जीवन-हरियालीअभियानसेआमलोगोंकोजोड़करइससंकटसेअगाहकियाजारहाहै।हालकेमहीनोंमेंसरकारनेसूखरहेजलस्त्रोतोंकोजीवंतकरनेकेसाथइसकेसंरक्षणकेलिएयोजनाएंशुरूकीहै।सरकारीस्तरपरइनयोजनाओंकेतहतआहर-पइन,तालाबकेजीर्णोद्वारकरारहीहै।

अस्तित्वखोचुकेकुओंकोफिरसेकियाजाएगाजीवंत

पहलेशहरसेलेकरगांवतकपानीकामुख्यस्त्रोतकुआंहोताथा।समयकेसाथस्थितियांबदली।आधुनिकताकीदौड़वउचितदेखरेखकेअभावमेंकुएंसूखतेगएऔरइसकाअस्तित्वसमाप्तहोगया।कुआंभू-जलस्तरकोभीबढ़ानेमेंमददगारसाबितहोताथा।सरकारीआंकड़ोंकेअनुसारजिलेमेंकुल9017कुओंमें4171कासरकारीस्तरपरनिरीक्षणकियागयाहै।इसदौरान159अतिरिक्तकुओंकोचिह्नितकियागया।इनमें1944कीस्थितिखराबहोनेकीवजहसेजीर्णोद्धारकरायाजाएगा।इसकेअलावाजिलेमें6441जलसंचयनसंरचनाओंकीजानकारीदीगईथी।इसमेंतालाब,पोखर,अहर,पईनशामिलहैं।इसमें4221जलनिकायोंकानिरीक्षणकियागयाहै।निरीक्षणकेक्रममें196अतिरिक्ततालाबभीचिन्हितकिएगए।526जलनिकायोंकोअतिक्रमणकरनेकीबातसामनेआई।1541तालाबोंकेजीर्णोद्धारकीजरूरतबताईगईहै।सरकारीतालाबोंकोमनरेगाकेतहतजीर्णोद्धारकरायाजारहाहै।

जलस्त्रोतोंकेसंरक्षणकोलेकरजिलेमेंव्यापकस्तरपरअभियानचलायाजारहाहै।जलस्त्रोतोंकोसंरक्षितकरनेकेसाथलोगोंकोइसकेलिएजागरूककियाजारहाहै।सरकारीस्तरपरतालाब,पईन,कुओंकाजीर्णोद्वारकरानेकेलिएअभियानचलायाजारहाहै।

रमणकुमार,जिलाधिकारी,मोतिहारी,पूर्वीचंपारण

पानीकीखपतकोकमकरनेकेलिएहोनाहोगाजागरूक

पानीकीखपतकोआवश्यकताकेअनुसारखर्चकियाजानाचाहिए।आमलोगोंकोइसखतरेकेप्रतिसजगहोनेकीजरूरतहै।पानीकीबर्बादीकोरोकनेकेसाथइसकेसंरक्षणकोलेकरसजगहोनाहोगा।घरोंमेंभीइसबातकाध्यानरखनाहोगाकिपानीकीखपतआवश्यकताकेअनुसारकरें।वर्षाजलसंचयकरनेकीदिशामेंभीठोसपहलकीजरूरतहै।

कर्मात्मापांडेय,प्राचार्य,पीयूपीकॉलेज

पानीकेसंचयकीदिशामेंहोनाचाहिएप्रयास

पानीकीसबसेअधिकखपतघरेलूकार्योंकेअलावाकृषिमेंहोताहै।इसलिएसंरक्षणसबसेपहलेघरसेहीहोनाचाहिए।पानीकीखपतकरनेकेसाथहमेंसोचनाचाहिएकिव्यर्थपानीकहाजाताहै।घरसेनिकलकरनालामेंवनालाकेरास्तेनदीमेंचलाजाताहै।इसकारणभूजलकमहोतेजारहाहै।पानीकीबर्बादीरोकनेकेसाथघरोंकेआसपाससोख्ताबनाकरपानीकोभूमिकेअंदरलेजानेपरध्यानदियाजानाचाहिए।

ई.विभूतिनारायणसिंह,समाजसेवी