अपहरण की घटनाएं बढ़ी, हत्या के मामले में कमी: NCRB डेटा

नईदिल्लीराष्ट्रीयअपराधरिकॉर्डब्यूरोयानीनैशनलक्राइमरेकॉर्डब्यूरो(NCRB)केनएडेटाकेमुताबिक2017मेंदेशभरमेंसंज्ञेयअपराधके50लाखसेज्यादामामलेदर्जकिएगए।इसतरह2016में48लाखदर्जमामलोंकीतुलनामें2017में3.6प्रतिशतकीबढ़ोतरीहुई।महिलाओंकेखिलाफअपराधमेंलगातारतीसरेसालइजाफाहुआहै।इसमामलेमेंसबसेऊपरयूपीहै।5.9प्रतिशतकमहुएहत्याकेमामलेकरीबएकसालकीदेरीकेबाद2017केलिएवार्षिकअपराधकाआंकड़ाजारीकियागयाहै।वर्ष2017मेंहत्याकेमामलोंमें5.9प्रतिशतकीगिरावटआई।एनसीआरबीकीरिपोर्टकेमुताबिक2017मेंहत्याके28653मामलेदर्जकिएगएजबकि2016में30450मामलेसामनेआएथे।अपहरणकेमामलोंमेंभीइजाफाइसमेंकहागयाकिहत्याकेअधिकतरमामलेमें'विवाद'(7898)एकबड़ाकारणथा।इसकेबाद'निजीरंजिश'या'दुश्मनी'(4660)और'फायदे'(2103)केलिएभीहत्याएंहुईं।वर्ष2017मेंअपहरणकेमामलोंमें9प्रतिशतकीबढ़ोतरीदर्जकीगई।2016मेंअपहरणके88008मामलेदर्जकिएगएथेजबकि2017में95893मामलेदर्जकिएगएथे।महिलाओंकेखिलाफअपराधलगातारतीसरेसालबढ़ाआंकड़ोंकेमुताबिकदेशभरमेंवर्ष2017मेंमहिलाओंकेखिलाफअपराधके3,59,849मामलेदर्जकिएगए।महिलाओंकेखिलाफअपराधोंमेंलगातारतीसरेसालवृद्धिहुईहै।2015मेंमहिलाओंकेखिलाफअपराधके3,29,243मामलेदर्जकिएगएथेऔर2016में3,38,954मामलेदर्जकिएगएथे।महिलाओंकेखिलाफयूपीमेंसबसेज्यादाअपराधमहिलाओंकेखिलाफअपराधकेदर्जमामलोंमेंहत्या,बलात्कार,दहेजहत्या,आत्महत्याकेलिएउकसाना,ऐसिडहमले,महिलाओंकेखिलाफक्रूरताऔरअपहरणआदिशामिलहैं।एनसीआरबीकेआंकड़ोंकेअनुसार,अधिकतममामलेउत्तरप्रदेश(56,011)मेंदर्जकिएगए।उसकेबादमहाराष्ट्रमें31,979मामलेदर्जकिएगए।आंकड़ेकेमुताबिक,पश्चिमबंगालमें30,992,मध्यप्रदेशमें29,778,राजस्थानमें25,993औरअसममें23,082मामलेदर्जकिएगए।