अस्तित्व तलाश रहा दरबाड़ा का प्राचीन तालाब

बिजनौर,जेएनएन।एकतरफतालाबोंकेजीर्णोद्धारकेलिएसरकारकदमउठारहीहै,लेकिनदूसरीओरचांदपुरक्षेत्रकेगांवदरबाड़ास्थिततालाबबदहालहै।हाईवेकिनारेस्थितहोनेपरभीअधिकारियोंयाजनप्रतिनिधियोंकीनजरइसतालाबपरनहींपड़तीहै।

धनौरारोडपरगांवदरबाड़ास्थितहै।आबादीकेहिसाबसेगांवबहुतबड़ाहै।गांवसेबाहरहाईवेपरबहुतबड़ावप्राचीनतालाबहै।कभीयहतालाब25बीघासेअधिकमेंफैलाहुआथा,लेकिनआजइसकादायरामात्रसातसेआठबीघाहीरहगयाहै।ग्रामीणोंकीमानेंतोइसतालाबमेंपानीकास्तरकाफीअच्छारहताथा,साथहीचांदपुरसेशहरकापानीइसतालाबसेहोतेहुएसंभलक्षेत्रमेंपहुंचताथा,लेकिनआजस्थितिकुछऔरहै।तालाबमेंपानीकीजगहगंदगीऔरबड़ी-बड़ीघासनजरआतीहै।कभी-कभारहीइसतालाबकीसफाईहोतीहै,जिसकेचलतेयहअपनाअस्तित्वखोरहाहै।वहीं,तालाबअतिक्रमणकेचलतेभीसिकुड़गयाहै।तालाबकेएकभागमेंअतिक्रमणकरमकानखड़ेकरदिएगएहैं।जिसकेचलतेकहींनकहींपानीकीनिकासीभीप्रभावितहुईहै।यहीनहींतालाबमेंकूड़ा-कचराडालाजारहाहै,जोइसतालाबवगांववासियोंकेलिएदुर्भाग्यकीबातहै।चौंकानेवालीबातयहहैकियहप्रसिद्धतालाबहाईवेकिनारेहै।जिसकेपाससेअधिकारी,नेतावअन्यजनप्रतिनिधिगुजरतेहैं,लेकिनकिसीकीभीनजरइसपरनहींपड़ती।जलसंचयनकेलिएइसतालाबकोजीर्णोद्धारकीबहुतआवश्यकताहै,लेकिनकोईपहलनहींहोरहीहै।