बाढ़ पीड़ितों की वेदना, आखिर किससे करें फरियाद

छपरा।सारणजिलेकेगंडकनदीकेतटवर्तीप्रखंडोंमेंदोबाराबाढ़नेतबाहीमचाईहै।बाढ़प्रभावितप्रखंडोंकेलोगअभीउबरभीनहींपाएथेकिदोबाराआईबाढ़सबकुछबहालेगई।जिलेकेमशरक,पानापुर,तरैयावमकेरप्रखंडकेअधिसंख्यइलाकेफिरसेबाढ़कीचपेटमेंहैं।बाढ़पीड़ितइसबारपूरीतरहअसहायमहसूसकररहेहैं।इसकेपहलेबाढ़मेंप्रशासनिकस्तरपरराहतशिविरसंचालितकियागयाथा।साथहीजनप्रतिनिधियोंवसमाजसेवियोंद्वाराभीराहतपहुंचाईजारहीथी,लेकिनइसबारसबकुछबंदहैं।सरकारीतंत्रपूरीतरहसेचुनावकीतैयारियोंमेंव्यस्तहै।जनप्रतिनिधिवसमाजसेवीआचारसंहिताकेउल्लंघनकेडरसेमददकेलिएआगेनहींआरहेहैं।बांधवसड़ककेकिनारेबाढ़पीड़ितशरणलिएहुएहैं।यहपरेशानीअभीकमहोनेवालीभीनहीहै।बच्चे,वृद्धऔरपशुओंकोचाराकहांसेमिलेगा,यहसबउनकेलिएकाफीचिताकाविषयबनाहुआहै।

तरैयामेंएकफीटकमहुआपानी,परेशानीबरकरार

संसू,तरैया(सारण):तरैयाप्रखंडमेंपांचवेंदिनदोबाराआईबाढ़कापानीलगभगएकफीटकमहुआहै।लोगोंथोड़ीराहतमिलीहै,लेकिनपरेशानियांयथावतहैं।बाढ़पीड़ितनहर,सड़ककेकिनारेवअपनेघरोंकीछतपरशरणलिएहुएहैं।घरकेबाहरपानीमेंसीढ़ीलगाकरआ-जारहेहैं।तरैया,माधोपुर,डुमरी,चंचलिया,भटगाई,पचौड़रवनारायणपंचायतकेगांवपानीमेंडूबेहुएहैं।बाढ़प्रभावितक्षेत्रोंकीग्रामीणसड़कोंपरपानीभराहुआहै।इसकारणआवागमनठपहै।

बाढ़पीड़ितनुनूरामनेबतायाकिकुछदिनपूर्वएकदुर्घटनामेंघायलहोगयाथा।अबनावसेआवागमनकरइलाजकरानेजातेहैं।राजेशकुमार,रमाकांतसिंहवअन्यनेबतायाकिअभीभीघरपानीमेंडूबाहुआहै।लोगबेबसवमजबूरहोगएहैं।दोमाहमेंदोबाराबाढ़सेऐसीत्रासदीकभीनहींहुईथी।रामएकबालरायनेबतायाकिबाढ़सेसबसेज्यादादिक्कतमहिलाओंवबच्चोंकोहै।घरकेचारोंतरफपानीहीपानीहै।थोड़ीसीभीचूकहोनेपरजानजासकतीहै।प्रशासनिकस्तरपरकोईभीराहतशिविरनहीचलरहाहै।पानापुरमेंबाढ़कीत्रासदीबरकरार

संसू,पानापुर:प्रखंडमेंदोमाहमेंदूसरीबारआईबाढ़नेलोगोंकाआशियानाउजाड़दिया।बर्तनसेलेकरखेती-गृहस्थीवरोजीरोजगारसबचौपटहोगयाहै।जुलाईमहीनेमेंआईबाढ़केदौरानलोगघरोंकोछोड़करीबडेढ़महीनेतकविभिन्नऊंचेस्थलोंपरशरणलेकरसमयगुजाररहेथे।पानीकमहोनेकेबादघरलौटजीवनकोव्यवस्थितकरनेमेंजुटेथे,लेकिनदोबाराआईबाढ़केबादवेउल्टेपांवऊंचेस्थलोंपरआकरशरणलेलिएहैं।पिछलेएकसप्ताहसेवेयहींठहरेहैं।