भतीजे के सिर सेहरा बंधने से पूर्व उठ गई चाचा की अर्थी

बांका।ऑटो-ट्रैक्टरकीटक्करमेंघायलटेंगरानिवासीगणेशकुमारयादवकीमौतकीघटनासेघरमेंछाईखुशियांचंदमिनटमेंगममेंबदलगया।बतायाजाताहैकिगणेशकेबड़ेभाईकेपुत्ररंजीतकुमारयादवकीशादीघटनाकीरातहोनीथी।बारातगांवसेकरीब10किलोमीटरदूररंगमटियागांवजानाथा।शादीकोलेकरघरमेंसभीसगेसंबंधियोंकाभीआगमनहोचुकाथा।कुछशादीसामग्रीकीखरीदारीकरनाछूटगयाथा।जिसेखरीदनेकेलिएगणेश,चचेराभाईगुड्डूयादवएवंबहनउषादेवीकेसाथसंग्रामपुरबाजारगयाहुआथा।गांववघरकेलोगबारातजानेकेलिएतैयारहोरहेथे।तभीइसखबरनेपरिजनऔरग्रामीणोंमेंकोहराममचगया।खबरमिलतेहीलोगदौड़ेभागेघटनास्थलपरपहुंचेऔरसभीघायलोंकोइलाजकेलिएसंग्रामपुरपीएचसीमेंभर्तीकराया।अस्पतालमेंगणेशकीहालतनाजुकदेखजेएलएनएमसीएचभागलपुररेफरकरदिया।जहांउनकीमौतहोगई।गणेशपांचभाइयोंमेंदूसरेनंबरपरथा।बड़ाभाईअंतलालयादव,दूसरागणेश,तीसरेचंद्रभूषणयादव,चौथेअनिलकुमारयादवएवंपांचवेंमुकेशकुमारयादवहैं।जबकिउषादेवी,सरसतियादेवी,सबुजादेवीतीनबहनहैं।गणेशकोतीनपुत्रअंगदकुमार,सचिनकुमार,रूपेशकुमारएवंपुत्रीकरिश्माकुमारीहै।गांवमेंहीरहकरखेतीकार्यकरतेथे।घटनाकेबादलड़कीपक्षमेंभीमाहौलगमगीनहै।सभीलोगकिस्मतकोकोसतेनजरआए।परिजनोंकारो-रोकरबुराहालहै।