बंदरों को पकड़ने में वन विभाग रहा अब तक नाकाम

संवाद,सहयागी,रुद्रप्रयाग:बंदरोंकीचतुराईवनविभागकेअबतकसभीदांवपरभारीपड़चुकाहै।वनविभागसेप्रशिक्षणलेकरटीमेंभीउत्पातीबंदरोंकोनहींपकड़पारहीहैं।जबकिवनविभागनेटीमोंकोविधिवतप्रशिक्षणभीदियाहै।ग्रामीणक्षेत्रसेलेकरशहरीक्षेत्रोंतकबंदरोंकेआतंकसेआमलोगपरेशानहैं।

उत्पातमचातेबंदरोंकाआतंकरुद्रप्रयागजिलेमेंपरेशानीकाकारणबनचुकाहै।गांवमेंबंदरोंकेआतंकसेआमलोगखौफजदाभीहै।शहरीक्षेत्रोंमेंबंदरघरकेअंदरसेखानेकासामानभीउठाकरलेजातेहैं,वहींआमलोगवपैदलराहगीरोंपरभीवहहमलाबोलनेसेनहींडरते।क्षेत्रमेंफसलों,फलोंकोभारीनुकसानपहुंचातेहैं।इसेदेखतेहुएलगभगदोवर्षपूर्ववनविभागनेबंदरोंकोपकड़नेकेलिएजिलेसेअपनेवनकर्मियोंकोनैनीतालमेंप्रशिक्षणभीदिलायाथा,जहांसेछहसदस्यीयटीमप्रशिक्षणपूराकरपहुंचीभी।वर्ष2015सेजिलेमेंसबसेपहलेरुद्रप्रयागरेंजवइसकेबादअगस्त्यमुनिसमेतअन्यस्थानोंपरबंदरोंकोपकड़नेकीकवायदशुरूकीगई,पहलेवदूसरेदिनपिजरेमेंकुछबंदरफंसेभीलेकिनइसकेबादएक-एकबंदरकोपकड़नावनविभागकेलिएमुश्किलहोगया।यहप्रक्रियालगभगदोवर्षोतकचलतीरही,लेकिननाममात्रबंदरोंकोपकड़करवनविभागकीटीमेंशांतहोकरबैठगई।बंदरवनविभागकेपिंजरेमेंफंसेहीनहीं,विभागनेभीहाथपांवचलानेछोड़दिए।जिसकेबादनगरपालिकारुद्रप्रयाग,नगरपंचायतअगस्त्यमुनिमेंसमय-समयपरबंदरोंकोपकड़नेकेलिएटीमेंलगाईगई,परवहभीनाकामरहे।