डेढ़ दशक बाद खत्म हो जाएंगे भूमिगत जलभंडार

दीपसिंहबोरा,रानीखेत

एकदौरमेंनौलेवधारे।फिरगुरुत्व,बादमेंलिफ्टिंगपेयजलयोजना।औरअबहैंडपंपयुग।जरूरतपूरीकरनेकोछोटेस्रोतोंसेलेकरबड़ीनदियोंतकपानीकाबेहिसाबदोहनतोकियालेकिनसंरक्षणकेलिएठोसजलनीतिबनाईहीनहींगई।नतीजा,स्रोतोंवधारोंकेसूखतेचलेजानेपरभूमिगतजलभंडारभीखालीहोनेलगेहैं।शोधवैज्ञानिकआगाहकरतेहैंकियदिसमयरहतेधराकीकोखभरनेकोशिखरकीओरयांत्रिकवजैविकउपायनकिएगएतोआनेवालेडेढ़दशकमेंपहाड़केभूजलभंडारखत्महोजाएंगे।ऐसेमेंबड़ासवालकितबपानीकहांसेखींचेंगे।

सालदरसालतापवृद्धिकेसाथजलवायुपरिवर्तनकीवैश्विकचुनौतीकेबीचमानवीयचूकनेहिमालयीप्रांतकोसौगातमेंमिलेजलस्रोतोंकाप्राकृतिकविज्ञानबुरीतरहप्रभावितहोचलाहै।मौजूदाहालातइतनेविकटहोचुकेहैंकिनौलेधारेजहांगुजरेजमानेकीबातहोगई।वहीं1926मेंबलडोठीव1932मेंस्याहीदेवीसेगुरुत्व,फिर1952मेंकोसीमेंबनीलिफ्टिंगयोजनाकेजरियेखींचेजानेवालापानीनाकाफीसाबितहोरहा।

1998मेंपड़ीधराकीकोखपरनजर

नदियोंवउन्हेंजिंदारखनेवालेजलस्रोतोंकेसंरक्षणमेंचूककाहीनतीजारहाकिनदियोंकापानीकमपड़नेपर1998मेंयोजनाकारोंनेमैदानकीतर्जपरपहाड़मेंहैंडपंपसंस्कृतिकीनींवरखी।मगरवर्षाजलकोभूमिगतजलभंडारोंतकपहुंचानेकोठोसकदमनउठाएजानेकेकारणकोसीजलागममें196हैंडपंपमेंसे13फीसदबेपानीहोचलेहैं।शोधवैज्ञानिकवराष्ट्रीयविज्ञानएवंप्रौद्योगिकीविभाग(भारतसरकार)मेंजियोस्पेशलचेयरप्रोफेसरप्रो.जीवनसिंहरावतकीमानेंतोडेढ़दशककेभीतरपहाड़खासतौरपरकोसीजलागमकेभूमिगतजलभंडारपूरीतरहखत्महोजाएंगे।

'धारपानीधार'भीहोनेलगाबेपानी

जीवनदायिनीकोसीकेउद्गमस्थल'धारपानीधार'के14मुख्यरिचार्जजोनकीमौजूदाहालत,वहांसेनिकलनेवालीचारबड़ीनदियोंव43सहायकनदियों,सौसेज्यादाजलधारेवसैकड़ोंस्रोतोंकेलगातारसूखनेसेभविष्यकीभयावहतस्वीरसामनेआनेलगीहै।

'यहमानवसभ्यताकेलिएखतरेकासंकेतहै।सोचिएजबहैंडपंपवट्यूबवैलभीकामनहींकरेंगेतबकहांसेपानीलाएंगे।गैरहिमानीनदियोंकेउद्गममेंहीवर्षाजलकोरोकभूमिगतजलभंडारोंतकपहुंचानेकोठोसप्रयासकरनेहोंगे।जवाबदेहीतयकरनीहोगीताकिजलस्रोतोंवनदियोंकाउचितसंरक्षणहोसके।

-प्रो.जीवनसिंहरावत,वरिष्ठशोधवैज्ञानिक'