धरती पर एक फीसद पीने का पानी, करें संरक्षण

जहानाबाद।कृषिविज्ञानकेंद्रगंधारमेंवरीयवैज्ञानिकडॉशोभारानीकीअध्यक्षतामेंविश्वजलदिवसपरसमारोहकाआयोजनकियागया।मौकेपरमुख्यअतिथिकेरूपमेंमौजूदजिलापरिषदअध्यक्षआभारानीनेकहाकिपानीकोबचानेमेंसभीकायोगदानजरूरीहै।बूंद-बूंदजलसंरक्षणकीआवश्यकताहै।उन्होंनेकहाकिकईजगहदेखनेकोमिलताहैकिनलकोखुलाछोड़दियाजाताहैजिससेपीनेयोग्यशुद्धपानीबर्बादहोताहै।इसपरजनजागरणकीजरूरतहै।इसदौरानवरीयवैज्ञानिकनेकहाकि99फीसदपानीमहासागरोंतथाअन्यजलस्त्रोतोंमेंहै।सिर्फएकफीसदपानीहीपीनेकोलेउपलब्धहै।यदिइसेसंरक्षितनहींरखेंगेतोआनेवालेदिनोंमेंपेयजलसंकटविकरालरूपधारणकरलेगा।कार्यक्रममेंस्कूलीबच्चोंद्वारास्प्रींकलरतथावाटरहार्वेस्टिगसिस्टमकालाइवमॉडलप्रस्तुतकियागया।इसदौरानवैज्ञानिकइंजीनियरजितेंद्रकुमार,डॉदिनेशमहतो,डॉवाजिदहसनसमेतअन्यलोगमौजूदथे।संवादसहयोगीमोदनगंज,जहानाबाद

जलदिवसपरप्रखंडक्षेत्रकेगंधारगांवमेंसोमवारकोआहर-पइनबचाओअभियानकेतहतगंधारआहरकेनिर्मातापूर्वमुखियास्व.केसरीनंदनशर्माकोश्रद्धांजलिदीगई।कार्यक्रमकीअध्यक्षतापूर्वमुखियामनोजसिंहनेकिया।मंचसंचालनजदयूप्रखंडअध्यक्षअजितशर्मानेकिया।कार्यक्रमकाशुभारंभपूर्वमुखियाकेशरीनंदनसिंहकेतैलचित्रपरपुष्पअर्पितकरकियागया।उन्होंनेछहदशकपूर्वकिसानोंकेहितकोध्यानरखतेहुएआधेदर्जनपइनकाखुदाईकार्यकियाथा।इसकोसंरक्षितकरनेकीजरूरतहै।आहर-पईनबचाओअभियानकेराष्ट्रीयअध्यक्षऔरसंयोजकएमपीसिन्हानेकहाकिजल-संरक्षण,जलकेबिनाकृषिकीपरिकल्पनानहींकियाजासकताहै।जलहमारीसंस्कृतिमेंबसताहै।गलतनीतियोंकेकारणजलप्रबंधन,संचयन,बाढनियंत्रणकेपरंपरागतऔरप्राचीनसंसाधनोंकीउपेक्षाकियागयाहै।जिसकाप्रभावकृषिएवंअर्थव्यवस्थापरहुआहै।ऐसेमेंजलप्रबंधनएवंसंचयनकीपुरानीप्रणालीकोपुनर्जीवितकरनाजरूरीहै।जलएवंजमीनजीवनकामूलस्त्रोतहै।अधिकसेअधिकजलसंरक्षण,गांवमेंश्रमदान-गोमामप्रथाकोबढ़ावादेना,गांवकेजलविवादकोसामूहिक,आहरपइनएवंजलश्रोतनिकटअधिकसेअधिकपौधरोपणकरना।इसमौकेपरकईलोगोंनेआहरपइनबचाओअभियानपरअपनीबातरखी।इसमौकेपररमाशंकरशर्मा,सुरेन्द्रमोहनसमेतकईलोगोंकेअलावादर्जनोंमजदूरमौकेपरउपस्थितथे।