'गरीबों की चिंता करने वाला देश में कोई नहीं'

संवादसहयोगी,हाथरस:सेठफूलचंदबागलापीजीकॉलेजमेंइंटरनलक्वालिटीइश्योरेंससेलकेतत्वावधानमेंअर्थशास्त्रविभागनेसेमिनारकाआयोजनकिया।प्राचार्यडॉ.राजकमलदीक्षितनेदीपप्रज्वलनकिया।मुख्यवक्ताएएमयूकेअर्थशास्त्रविभागकेएसोशिएटप्रोफेसरदस्तगीरआलमनेकहाकिदेशमेंगरीबोंकीचिंताकरनेवालाकोईनहींहै।सरकारकीयोजनाएंसफलनहींहोरहीं।उन्होंनेकहा,ग्रामीणक्षेत्रोंमेंअशिक्षाबड़ीसमस्याहै।अशिक्षाकेकारणलोगोंकोस्वास्थ्यसुविधाएंनहींमिलपारहीं।

अलीगढ़केवाष्र्णेयकॉलेजकेअर्थशास्त्रकेप्रवक्ताडॉ.शिवकुमारसिंहनेकहाकिशहरोंकातेजीसेविकासहोरहाहै,लेकिनगांवपिछड़तेजारहेहैं।रोजगारकीकमीनहींहै,लेकिनयुवावर्गसरकारीनौकरीकेपीछेपड़ाहै।कॉलेजकेअर्थशास्त्रविभागकेअध्यक्षडॉ.साहब¨सहनेकहाकिसामाजिकअपराधऔरकुरीतियांग्रामीणविकासकोगतिनहींपकड़नेदेरहेहैं।डॉ.एसपीएसचौहाननेभीव्याख्यानदिया।इसमेंरामावतार,भारतकौशिक,दीक्षाकौशिक,सुषमासिंह,वर्षावाष्र्णेयकासहयोगरहा।प्राचार्यडॉ.राजकमलदीक्षितनेसभीकाआभारजताया।कार्यक्रममेंडॉ.दानिश,डॉ.प्रेमप्रकाश,डॉ.केएनत्रिपाठी,डॉ.संदीपबंसल,डॉ.प्रीतिवर्मा,डॉ.संध्याकुमारी,डॉ.रजनीशकुमार,डॉ.डीकेदीक्षित,डॉ.विमलेशआदिमौजूदरहे।