इंद्र देव मेहरबान पर लापरवाह जल संस्थान

संवादसहयोगी,लोहाघाट:मानसूनकीबारिसनेप्राकृतिकजलस्रोतोंकोलबालबभरदियाहै,लेकिनफिरभीलोगपानीकेलिएतरसरहेहैं।अभीभीनगरसहितकईग्रामीणक्षेत्रोंमेंपेयजलकेलिएहाहाकारमचाहुआहै।भलेहीइंद्रदेवमेहरबानहोरहेहों,लेकिनजलसंस्थानकीलापरवाहीकेचलतेलोगोंकोआवश्यकतानुसारपानीनहींमिलपारहाहै।

जलसंस्थानकीअकर्मण्यताअबउसकेउपभोक्ताओंकेलिएजीकाजंजालबनगईहै।भारीभरकमजलकरबिलथमानेवालाविभागपेयजलउपलब्धकरानेमेंफिसड्डीसाबितहोगयाहै।बारिसहोनेसेइसबारपानीकीकमीनहींहै,परविभागस्रोतोंकापानीनलोंतकनहींपहुंचापारहाहै।लोहाघाटनगरमेंतीनदिनबादपानीआरहाहैवहभीमहजतीससेचालीसमिनटकेलिए।जिसकेबादलोगोंकोरातदेरतकवसुबहजल्दीउठकरहैंडपंपोंवनदी,नौलोंसेपानीलानापड़रहाहै।ग्रामसभासुईकेतोकछमनियांमेंभीपानीकाबहुतसंकटबनाहुआहै।पिथौरागढ़रोडनिवासीहरीशचंद्र,दीपेशकुमार,जनक,दिनेशचंद्र,पार्वतीदेवी,जानकीदेवी,नेहाआदिकाकहनाहैतीनदिनमेंएकबारमिलरहाहै,वहभीएकदिनकेउपयोगमेंसमाप्तहोजाताहै।उसकेबादनदीनौलोंकीखाकछाननीपड़तीहै।इधरविभागकेअभियंतापवनबिष्टकाकहनाहैनगरमेंदूसरेदिनपेयजलापूर्तिकीजारहीहै।