जागरूकता मुहिम रंग लाई, धान छोड़ की नरमे की बिजाई

जागरणसंवाददाता,बठिडा:जिलेकेलोगोंकेलिएयहअच्छीखबरहैकिइसबारनरमेकेअधीनरकबाकाफीबढ़ाहै।पहले1.10लाखहेक्टेयररकबेमेंनरमेकीखेतीहोतीथीजबकिइसबारयहरकबाबढ़कर1.40लाखहेक्टेयरहोगयाहै।एकआकलनकेअनुसारएककिलोधानपकानेपरतकरीबन120लीटरपानीकाखर्चआताहै।ऐसेमेंधानकीखेतीकेलिएबहुतज्यादापानीकीजरूरतहोतीहै।अरसेसेधानकीखेतीजिलेकेकिसानोंकीपसंदीदाफसलरहीहै,लेकिनइसमेंपानीकेअधिकदोहनकेचलतेजिलेमेंभूजलस्तरनीचेचलेजानेकेबादकिसानअबइसकीजगहबहुतकमपानीमेंतैयारहोजानेवालीकपासकीओररुखकररहेहैं।नरमेकीखेतीकरनेसेभूजलकासंरक्षणहोगा।

पिछलेसाल1.10लाखहेक्टेयरमेंनरमेकीखेतीथी।इसबार30हजारहेक्टेयररकबाबढ़गयाहै।नरमेकीखेतीपरमेहनतधानकीखेतीसेज्यादाहोतीहैऔरइसपरकईप्रकारकीबीमारियोंकाहमलाहोनेकीआशंकाबनीरहतीहै।फिरभीकिसानोंनेनरमेकीखेतीकीओरवापसीकीहै।नरमेकीखेतीसेभूजलकीबचतहोतीहै।इसबारकिसानजागरूकहुएहैंऔरउन्होंनेधानकीखेतीसेकिनाराकरनाशुरूकियाहै।

धानसेपानीकाहोतानुकसान

जूनसेलेकरसितंबरतकधानकीफसलमेंलगातारपानीभरकररखनापड़ताहै।धानकीफसलमेंभूजलकादोहनकाफीहोताहै।इसबारबठिडाकेकिसानोंनेधानकीखेतीकोछोड़करकपासकीखेतीकरनेकाफैसलालियाहै।कपासकीखेतीमेंधानकेमुकाबलेबहुतकमपानीलगानापड़ताहै।कपासकीगुड़ाईकरनीपड़तीहै,जिससेभूमिकीउर्वरामजबूतबनतीहै।किसानभोलासिंहकलालवालानेबतायाकिउनकेगांवमेंधानकीखेतीहोतीहै।धानकीफसलमेंदिन-रातट्यूबवेलचलाकरपानीभरनापड़ताहै।बिजलीऔरपानीदोनोंकाकाफीखर्चहोताहै।इससालहमनेनरमेकीफसललगानेकाफैसलालियाहै।

किसानोंकोकियाथाजागरूक,मुहिमहुईसफलहमनेकिसानोंकोधानकीखेतीकीबजायनरमेकीखेतीकरनेकेलिएजागरूककियाथा।अबउसजागरूकताकेसार्थिकनतीजेसामनेआनेलगेहैंऔररिजल्टआपकेसामनेहै।इतनारकबाधानकीबजायनरमेकाबढ़जानाकृषिविशेषज्ञोंकीजागरूकतामुहिमकाहीपरिणामहै।

गुरांदित्तासिंहबराड़,मुख्यकृषिअधिकारी

ਪੰਜਾਬੀਵਿਚਖ਼ਬਰਾਂਪੜ੍ਹਨਲਈਇੱਥੇਕਲਿੱਕਕਰੋ!