जल संसद और जल गुल्लक से बरेली के तालाबों को मिल रहा नया जीवन, आइये समझें क्या है जल संसद और गुल्लक

बरेली,जेएनएन।वोवक्तथा,जबहमारेबुजुर्गपुण्यकर्मोंकेलिएतालाबऔरकुएंखोदवातेथे।अबउन्हींतालाबोंकोसंरक्षितकरनामुश्किलहोचलाहै।सूखचुकेतालाबकोनईसंजीवनीदेनेकेलिएशहरकीसामाजिकसंस्था‘विकल्प’नेचारसालपहलेपहलकी।जलहीजीवनहै,लोगोंकोसमझानेकेलिएगांव-गांव‘जलसंसद’लगाईगई।जलसंरक्षणकीवैचारिकपौधबच्चोंकेमनमेंरोपनेकेलिए‘जलगुल्लक’अभियानशुरूकिया।नतीजासामनेहै,सूखचुकेतालाबोंमेंअबपानीहै।

बूंद-बूंदसंरक्षितकरनेकेलिएछोटीकोशिशेंहीनजीरबनतीहैं।विकल्पसंस्थाकेसंस्थापकराजनारायणकहतेहैकि29अप्रैल2016मेंगांवसहसियाहुसैनपुर(सीबीगंज)केतालाबपरपहुंचेथे।तालाबबिल्कुलसूखचुकाथा।उन्होंनेपहलीजलसंसदसहसियाहुसैनपुरगांवमेंहीलगाई।गांवकेलोगोंकोअभियानसेजोड़करश्रमदानकेलिएउत्साहितकिया।प्रयाससफलरहा,क्योंकिपहलेगांवकेलोग,फिरशहरकेगणमान्यअभियानसेजुड़े।40दिनकेश्रमदानमेंकरीब800लोगोंनेतालाबपरखोदाईकी।फिरहुआबारिशकाइंतजार।पहलीहीबारिशमेंतालाबपानीसेभरगया।अबहरसालयहांश्रमदानहोताहै,जिसमेंतालाबकेआस-पासकुएंखोदेजातेहै।जिन्हेंजलगुल्लकनामदियागयाहै।इसतरहसेतालाबकोनयाजीवनमिलगया।

भूमिगतजलसंवर्धनकेलिएतालाबकीगादसाफकरनाजरूरी

राजनारायणकहतेहैकिबरेलीमेंभूगर्भजलस्तरइतनाअच्छानहींहैकिखोदाईकरनेपरजलस्रोतफूटपड़े।इसलिएतालाबकीखोदाईकरकेबारिशकापानीभरनेकाइंतजारकरनापड़ताहै।लंबेसमयतालाबकोयूंहीछोड़देनेपरतलहटीपरगादकीमोटीपरतजमतीहै।इससेभूगर्भजलरिचार्जनहींहोता।गादकासाफहोनाजरूरीहै।वहकहतेहैंकितालाबकीखोदाईकेदौरानभीकुछबातेंध्यानदेनेवालीहै।मसलन,खोदाईमेंरेताआनेकेबादबारिशकापानीभूगर्भजलतकजानेकेलिएप्राकृतिकछोटेरास्तेबनतेहैं,इससेसिर्फतालाबकापानीनीचेनहींजाता,बल्किभूमिगतजलऊपरभीआतारहताहै।इससेतालाबनहींसूखतेहैं।