जन्मदिन विशेष: डॉ. लोहिया, जिन्होंने PM बनने को लेकर कहा था- मैं इन पदों पर आना चाहूंगा तो बस अपनी शर्तों पर

नईदिल्ली:राजनीति मेंआजभीएकसिद्धांतजीवितहैऔरवहसिद्धांतहैराममनोहरलोहियाकासमाजवादकासिद्धांत.वहीलोहियाजोएकमौलिकचिंतकथे.वहीराममनोहरलोहियाजोआजीवनएकन्यायपूर्ण,लोकतांत्रिक,समताऔरस्वतंत्रताआधारितभारतकेनिर्माणकेलिएसंघर्षकरतेरहे.वहीलोहियाजोआजीवनएकऐसेभारतकोबनानेकाप्रयासकरतेरहेजिसमेंहरकिसीकीसमानभागीदारीहोऔरहरकिसीकीआवाजकासमानमहत्वहो.आजउनकाजन्मदिनहै. भारतकेराजनीतिकमंचकेचौथे,पांचवेंऔरछठेदशककेजबरदस्त,तूफानी-आकर्षक,बहुचर्चितऔरसुर्खियोंमेंरहनेवालेइसनेताकाजन्म23मार्च1910कोफैजाबादमेंहुआथा.

ऐसेमेंआइएजानतेहैंराममनोहरलोहियाकेजीवनसेजुड़ीखासबातेंऔरसाथहीयहभीकिआखिरवह''समाजवाद''क्या हैजिसकीबातलोहियाकियाकरतेथे.

लोहियाका'समाजवाद'मेंगांधीऔरमार्क्स केविचारहैंभीऔरनहींभी

जबलोहियायुवाअवस्थामेंथेतोभारतीयराजनीतिकेदोप्रेरणास्त्रोतथे,एकगांधीदूसरेमार्क्स.हालांकिलोहियागांधीसेभीप्रभावितथेऔरमार्क्सभीलेकिननतोवहमार्क्ससेपूरीतरहसहमतथेनगांधीसे.उन्होंनेखुदकहाथा,''नमैंमार्क्सवादीहूंऔरनमार्क्सवादकाविरोधीवैसेहीनमैंगांधीवादीहूंनगांधीवादकाविरोधी''

लोहियानेमार्क्सकेवर्गसंघर्षकोस्वीकारकियालेकिनइसकेलिएहिंसाकोवहनहींस्वीकारकरतेथे.संपत्तिसाधनोंपरसामाजिकस्वामित्वकोवहस्वीकारकरतेहैंलेकिनसंपत्तिकेकेंद्रीकरणकाउन्होंनेडटकरविरोधकिया.उसीतरहगांधीकेअंहिसामेंउनकापूराविश्वासथालेकिनगांधीकेग्रामस्वराजकीपरिकल्पनाउन्हेंकभीनहींसुहाई.वहचाहतेथेइसकेबदलेग्राम,तहसील,जिलाऔरराज्यजैसेचारखंभोंपरआधारितसाधनोंवालीशासनव्यवस्थाहो.

जबलोहियानेमार्क्सवादकेभ्रष्टरूपकोरूसमेंऔरगांधीवादकेभ्रष्टरूपकोभारतमेंदेखातोबोले''जबऋषिभ्रष्टहोताहैतोवहक्रूरबनताहैऔरजबसंतभ्रष्टहोताहैतोवहढोंगीबनताहै''

इनतमामबातोंसेयहसाफहैकिउनकासमाजवादमार्क्सवादकीभूमिमेंगांधीवादकेपौधेकोरोपनानहींथाऔरनगांधीवादकीभूमिमेंमार्क्सवादकेपौधेकोरोपनाथा.समाजिकदर्शनकरतेहुएलोहियानेसमाजवादकीअपनीपरिभाषागढ़ीथी.भारतमेंलोहियावहसमाजवादीनेताथेजिन्होंनेपहलीबारयहकहाकिआर्थिकऔरसमाजिकसमानताकेलिएयहजरूरीहैकिशोषकोंकेहाथोंसेजातिऔरभाषाकेखतरनाकहथियारछीनलिएजाएं.मुट्ठीभरअंग्रेजीबोलनेवालेलोगऔरऊंचीजातिकेलोगोंकासत्तापरएकधिकारछीनलेनेकानारादेकरलोहियानेसमाजवादीआंदोलनकोएकनईदिशादी.

जबलोहियाआएमहात्मागांधीकेसंपर्कमें

उनकेपिताजीहीरालालपेशेसेअध्यापक औरदिलसेसच्चेराष्ट्रभक्तथे. वहगांधीजीकेअनुयायीभीथे.जबवेगांधीजीसेमिलनेजातेतोराममनोहरकोभीअपनेसाथलेजायाकरतेथे.इसकेकारणगांधीजीकेविराटव्यक्तित्वकालोहियापरगहराअसरहुआ.पिताजीकेसाथवह1918मेंअहमदाबादकांग्रेसअधिवेशनमेंपहलीबारशामिलहुए.बनारससेइंटरमीडिएटऔरकोलकतासेस्नातकतककीपढ़ाईकरनेकेबादउन्होंनेउच्‍चशिक्षाकेलिएलंदनकेस्‍थानपरबर्लिनकाचुनावकियाथा.जर्मनीमेंचारसालपढ़ाईकीऔरफिरस्वदेशलौटे.इसकेबादलोहियागांधीजीकेसाथमिलकरदेशकोआजादकरानेकीलड़ाईमेंशामिलहोगए.

1942कोमहात्‍मागांधीनेभारतछोडो़आंदोलनमेंउन्होंनेबढ़चढ़करहिस्सालिया.इसआंदोलनकीवजहसेउन्हेंगिरफ्तारकरलियागयाऔरफिर1946मेंउनकीरिहाईहुई.इसकेबाद1946और47केबादनेहरूऔरलोहियामेंकईमुद्दोंपरमतभेदहुए.उसवक्तदेशमेंनेहरूसबसेबड़ेनेताथेलेकिनलोहियाकेसावालोंसेनहींबचपाए.एकवक्तपरनेहरूऔरलोहियामेंतल्खीइसकदरहोगईथीकिउन्होंनेकहाथाकिबीमारदेशकेबीमारप्रधानमंत्रीकोइस्तीफ़ादेदेनाचाहिए.यहीकारणथाकि आगेचलकरलोहियाने''कांग्रेसहटाओदेशबचाओ''कानारादिया.

पहलीबारसाल1963मेंकियासंसदमेंप्रवेश

पहलीबारलोहियानेसाल1963मेंफर्रुखाबादसेजीतकरसंसदमेंप्रवेशकिए.दरअसलकांग्रेसकेसांसदपं.मूलचंद्रदुबेकीमौतकेबाद1963मेंइससीटपरहुएउपचुनावमेंडा.राममनोहरलोहियाफर्रुखाबादसेमैदानमेंउतरेथे.उसवक्तकांग्रेसकेविरोधमेंहवाचलनीशुरूहुईथी.नतीजतनवहचुनावमेंजीतगए.बतादेंकिइससेपहलेवह1962केलोकसभाचुनावमेंफूलपुरक्षेत्रसेप्रधानमंत्रीनेहरूकेखिलाफलड़े,जिसमेंउन्हेंहारकासामनाकरनापड़ाथा.

इसीसमयउत्तरप्रदेशकेअमरोहाऔरजौनपुरलोकसभाचुनावहुएजिसमेंकांग्रेसकीहारहुई.अमरोहासेआचार्यकृपलानीऔरजौनपुरसेजनसंघकेदीनदयालउपाध्यायजीतेथे.इसतरहतीनोंलोकसभासीटोंपरहुएउपचुनावमेंकांग्रेसकोहारकासामनाकरनापड़ा.

1967मेंकांग्रेसहटाओकानारादियाऔर कन्नौजलोकसभासीटसेजीते

1967केचुनावमेंलोहियानेस्पष्टशब्दोंमें'कांग्रेसहटाओ'कानारादिया.लोहियाकेसंयुक्तसमाजवादीपक्षनेबिनाकिसीना-नुकुरकेकांग्रेसहटाओकीभूमिकाकोमंजूरकरलिया.उन्होंनेदिल्लीमेंसभीविरोधीपक्षोंकीएकबैठकबुलाई,इसकाप्रजासमाजवादीपक्ष,स्वतंत्रपक्षऔरजनसंघने विरोधकियाऔरलोहियाकोसहयोगनहींदिया.इसकापरिणामयहहुआकि1967केचुनावमेंकांग्रेसविरोधीदलोंकाएकसंयुक्तमोर्चानहींबनपाया.इसकाअसरयहहुआकिलोहियाकोअपेक्षित सफलतानहींमिली,लेकिनकुछअंशोंमेंलोहियाकीनीतिसफलरही.लोहियानेकहाथासभीहिन्दीभाषीराज्योंमेंकांग्रेसकीहारहोगीऔरवहहुईभी.उत्तरप्रदेश,बिहार,राजस्थान,मध्यप्रदेशसमेत 8राज्योंमेंकांग्रेसकीहारहुई.

इसचुनावमेंउत्तरप्रदेशकेकन्नौजलोकसभासीटसेलोहियाजीतेथे. 8राज्योंमेंसरकारतोगैरकांग्रेसीबनीलेकिनइसकापरिणामठीकनहींरहा.केंद्रमेंकांग्रेसथीऔरअन्य8 राज्योंमेंविरोधीपक्षोंकीमिलीजुलीसरकारथी.उसमेंभीकईजगहजोमुख्यमंत्रीथेवहभूतपूर्वकांग्रेसीथे.जिनराज्योंमेंसंविदसरकार(संयुक्तविधायकदल)थीवहींकेवलबिहारहीएकऐसाराज्यथाजहांसंयुक्तसमाजवादीपार्टीपक्षकाबहुमतथा.राज्यकेमुख्यमंत्रीभूतपूर्वकांग्रेसनेतामहामायाप्रसादथे.लोहियाकोबिहारमेंअच्छेकामोंकीउम्मीदथी,अच्छेकामहुएभीलेकिनउतनेनहींजितनीलोहियानेसोचीथी,वहींउत्तरप्रदेशमेंचरणसिंहमुख्यमंत्रीथे.चरणसिंहभीकांग्रेसकेमाहौलमेंज्यादारहेथेइसलिएलोहियाकीसारीनीतिउनकेगलेनहींउतरतीथी,हालांकिकिसानोंकेहितमेंलगनकाकानूनरद्दकरचरणसिंहनेलोहियाकीबातरखीथी.

इनसभीचीजोंसेलोहियानेअनुभवकियाकिजोकुछभीहुआवहक्रांतिकीशुरुआतनहींबससत्तापरिवर्तनहीहै.देशकेइससमाजसुधारककीसेहतभीजवाबदेनेलगीथीऔरअंतत:12अक्टूबर1967मेंरात्री1बजकरपांचमिनटपरउनकीमौतहोगई.

जबलोहियानेकहा-प्रधानमंत्रीबनूंगातोअपनीशर्तोंपर

चौथेआमचुनावकेबादतुरंतदेशमेंराष्ट्रपतिऔरउपराष्ट्रपतिकेचुनावथे.आमचुनावमेंकांग्रेसकोपूरीतरहसत्तासेबेदखलनहींकरपाएलोहियानेराष्ट्रपतिचुनावकेलिएकमरकसली.राष्ट्रपतिकेलिएकांग्रेसकेजाकिरहुसैनऔरविपक्षकेकेसुब्बारावकेबीचमुकाबलाथा.लोहियाकोविश्वासथाकिअगरविरोधीसदस्यदृढ़ताकेसाथचलतेतोकांग्रेससदस्योंमेंसेकुछकीअंतरात्माकीआवाजपुकारउठतीऔरसुब्बारावविजयहोजाते.लेकिनविरोधियोंनेलोहियाकोनिराशकिया.

इसबीचराष्ट्रपतिऔरप्रधानमंत्रीकेलिएलोहियाकानामसामनेआनेलगा.तबलोहियानेजोजवाबदियाथावहइंदुमतिकेलकरकीकिताब'राममनोहरलोहिया'मेंदीगईहै.लोहियानेकहाथा,''मैंविविधभारतीवालाआदमीनहींहूं.मेरेअपनेसिद्धांतहैं.मैंकभीअगरइनपदोंपरआनाचाहूंगातोअपनीशर्तोंपर.''

इसीबीचप्रसिद्धव्यंगचित्रकारनियतकालिकनेलोहियाकेव्यंगचित्रकेसाथटिपण्णीभीदीथी.उन्होंनेचित्रकेसाथलिखाथा-''आजसवेरेलोहियानेशपथग्रहणकीऔरआजशामहीअपनात्यागपत्रभीदेदिया.

जिसराजनीतिमेंडॉ.लोहियानेजातीयमुद्देउठाकरउनकासमाधानकरनेकीकोसिसकी,कालांतरमेंवहीजातीऔरजातीयताउसराजनीतिकाआधारबनगईहै.जिसआर्थिकसमानताकीलोहियाबातकरतेथेकालांतरमेंवोमुद्दाभीसिर्फएकराजनीतिकहथियारमात्रबनगईहै.