खाना बना बेटे-पोते की राह देख रही थीं दादी, मिली मौत की खबर

गोपालगंज।बुधवारकीसुबहगेहूंकीखेतकापटवनकरनेजारहेअपनेपुत्रहरेंद्रयादवतथापोतेशैलेशकुमारकोप्यारीदेवीनेकुछदेररुककरजानेकोकहाथा।ताकिवेकुछखालें।लेकिनदोनोंकुछदेरबादआनेकीबातकरखेतकीतरफनिकलगएथे।पुत्रपोतेकोपटवनकेलिएजानेकेबादप्यारीदेवीअपनीबहूहरेंद्रयादवकीपत्नीबासमतिदेवीकेसाथमिलकरघरकाचूल्हालाकरखानाबनानेलगीं।दिनकेदसबजेतकखानातैयारहोगया।खानातैयारहोनेकेबादप्यारीदेवीअपनेपुत्रतथापोतेकाघरआनेकीराहदेखनेलगीं।लेकिनतभीउन्हेंअपनेपुत्रतथापोतेकीपटवनकरनेकेदौरानकरंटलगनेसेमौतहोनेकीखबरमिली।इससूचनासेपूरापरिवारसन्नरहगया।दादीप्यारीदेवीतथाहरेंद्रयादवकीपत्नीबासमितदेवीकीचीखनिकलगईतथादोनोंबेसुधहोगईं।इसखबरकेबादघरकेअन्यसदस्यतथाग्रामीणखेतकीतरफदौड़पड़े।देखतेहीदेखतेपूरेगांवकामाहौलगमगीनहोगया।मृतककेपरिजनोंकेचित्कारसेउनकेघरपहुंचीमहिलाओंकेआंखोंसेभीआंसूटपकनेलगे।खेतकीदौड़करगएग्रामीणोंनेवहांपड़ेपितापुत्रकेशवकोदेखकरआक्रोशफैलगया।आक्रोशितग्रामीणपितापुत्रकेशवकाउठाकरएनएचजामकरनेनिकलपड़े।

बतायाजाताहैकिबलीछापरगांवनिवासीभगूलूरायतथाउनकीपत्नीप्यारीदेवीकेपांचपुत्रथे।बड़ेपुत्रसुभाषयादवकोलकातामेंएकप्राइवेटकंपनीमेंकामकरतेहैं।इनसेछोटेवीरेशकुमार,अमलेशकुमार,शैलेशकुमारतथाअंकेशकुमारघरपररहतेथे।घरपररहरहेशैलेशकुमारपढ़ाईकरनेकेसाथहीखेतीबारीमेंभीअपनेपिताकाहाथबंटाताथा।बुधवारकीसुबहगेहूंकीफसलकापटवनकरतेअपनेपिताहरेंद्रयादवकोजातादेखशैलेशकुमारभीउनकेसाथचलेगए।जबपितापुत्रघरसेखेतजानेकेलिएनिकलरहेथेतोहरेंद्रयादवकीमांप्यारीदेवीनेकुछदेररूककरकुछखापीकरआनेकेलिएकहाथा।लेकिनदोनोंयहकहतेहुएखेतकीतरफचलेगएकिजल्दीवापसआएंगे।लेकिनहोनीकोतोकुछऔरहीमंजूरथा।खेतकापटवनकरनेकेदौरानकीकरंटलगनेसेपितापुत्रदोनोंकीमौकेपरहीमौतहोगई।इसघटनासेपूरेगांवकामाहौलगमगीनहोगयाहै।परिजनोंकेचित्कारसेग्रामीणोंकीआंखेभीनमहोगईहैं।ग्रामीणोंनेबतायाकिइसपरिवारकीजीविकाखेतीबारीसेहीचलतीहै।हादसेकेशिकारबनेहरेंद्रयादवकेबड़ेपुत्रसुभाषयादवहीइसपरिवारकेएकमात्रकमाऊसदस्यहैं।कोलकातामेंएकप्राइवेटकंपनीमेंकामकररहेसुभाषयदवकोउनकेपितातथाभाईकीमौतकीसूचनादेदीगईहै।अपनेपितातथाभाईकीमौतहीसूचनामिलतेहीसुभाषयादवअपनेघरकेलिएरवानाहोगएहैं।परिजनतथाग्रामीणउनकेघरपहुंचनेकाइंतजारकररहेहैं।