खेतों से पानी निकासी के लिए ड्रेन नंबर आठ तक ड्रेनेज के अलावा बड़े तालाब बनेंगे सहारा

जागरणसंवाददाता,झज्जर:

भूजलकाबढ़ताहुआस्तरऔरइलाकेमेंसेमकीसमस्या,दोनोंकिसानोंकेलिएबड़ीपरेशानीबनरहेहैं।इलाकेमेंकरीबएकलाखहेक्टेयरसेअधिकभूमिखेतीयोग्यहै।लेकिन,इसदफाहुईबरसातनेखेतीकिसानीकोखासाप्रभावितकियाहै।रविवारकोखुड्डनमेंसीएममनोहरलालओलिपियनबजरंगपूनियाकेसम्मानसमारोहमेंपहुंचेथे।सीएमकेसमक्षभाजपाप्रदेशाध्यक्षओमप्रकाशधनखड़नेयहमुद्दाउठायातोउन्होंनेइसदिशामेंआश्वस्तकरतेहुएकहाकिजहांभीजिलामेंड्रेनेजसंभवहै,वहांपरड्रेननंबरआठतकपानीलेजायाजाएगा।जहांपरयहसंभवनहींहोगा,वहांपंचायतीजमीनोंपरबड़ेबड़ेतालाबबनाएजाएंगे।ताकि,बरसातकेपानीकासंरक्षणकरतेहुएजरुरतकेसमयइसेपुन:इस्तेमालकरसके।कुलमिलाकर,अगरयहयोजनासिरेचढ़ीतोइलाकेकेकिसानोंकीबहुतबड़ीसमस्याकानिपटाराहोजाएगा।धानकीखेतीसेभीतौबाकररहेअलग-अलगगांवोंकेग्रामीण:भूजलकेबढ़तेहुएस्तरकीवजहसेजिलाकेकरीब100गांवोंमेंकिसानधानकीखेतीसेतौबाकरचुकेहैं।ऐसीस्थितिमेंपंचायतकरतेहुएभीसामूहिकरुपसेफैसलालियागयाहैकिपूरागांवधानकीखेतीनहींकरेगा।इधर,सरकारकीओरसेभीधानकीखेतीछुड़वानेकेलिएप्रोत्साहितकियागया।विकल्पकेरुपमेंकिसानोंनेबाजराऔरकपासकोचुना।जिसमें40हजारहेक्टेयरसेअधिकक्षेत्रमेंबाजराऔरसाढ़े14हजारमेंकपासकीखेतीहोरखीहैं।लेकिन,जिसतरहकीइसदफाबरसातहोरहीहै,वहअबइलाकेकेकिसानोंकेलिएसमस्याकेअलावाकुछनहींहैं।विशेषतौरपरनिचलेइलाकेकेकिसानोंकीखेतीकेअलावाजनजीवनभीप्रभावितहोरहाहैं।जोलोगखेतोंमेंअपनामकानबनाकररहरहेहैं,वहतोहदसेज्यादापरेशानहैं।क्योंकि,खेतीकेसाथ-साथउनकादैनिकजीवनभीप्रभावितहोरहाहैं।

ड्रेननंबरआठतकड्रेनेजकेअलावाबड़ेतालाबबनेंगेसहारा:दरअसल,क्षेत्रकेकिसानोंकेखेतोंमेंपानीनिकासीकेलिएअभीमाइनरसेपानीकोबाइपासकरतेहुएड्रेनमेंडालाजारहाहैं।लेकिन,व्यवस्थाकेस्तरपरअभीकार्यपूरानहींहोपायाहै।जबकि,बहुतसेक्षेत्रमेंयहसंभवनहींहैं।ऐसेमेंघोषणाकेअनुरुपपंचायतीजमीनोंपरबड़ेतालाबबनाएजानेकीघोषणाकीगईहैं।जिसमेंजमाहोनेवालेपानीकातालाबोंमेंसंरक्षणकियाजाएगा।ऐसाहोनेसेजरुरतकेसमयमेंवहांपरपानीआपूर्तिहोपाएगी।दूसरा,जहांपरभूजलकीदिक्कतहै,वहांपररिचार्जहोनेकेसाथ-साथपानीकीगुणवत्ताभीसुधरेगी।