कोरोना से हार मानने को तैयार नहीं दिव्यांग और ²ष्टिबाधित

संस,बठिडा:लॉकडाउनकेकारणस्कूलोंमेंविद्यार्थियोंकोऑनलाइनपढ़ाईकरवाईजारहीहै।ऑनलाइनपढ़ाईमेंसबसेज्यादादिक्कतेंदिव्यांगबच्चोंकोआरहीहै।दिव्यांगबच्चोंकेलिएअभीतकऐसीटेक्नोलॉजीकानिर्माणहीनहींकियागया,जिससेउनकोपढ़ायाजासके।सर्वेकेअनुसार44फीसदीदिव्यांगबच्चोंकीयहशिकायतहैकिवेबिनारऔरऑनलाइनशिक्षामेंसाइनलैंग्वेजइंटरप्रेटरनहोनेकेकारणउन्हेंसमझनेमेंदिक्कतआरहीहै।

जिलेकीबातकीजाएतोजिलेमें28बच्चेनेत्रहीनदिव्यांगहै।इन्हेंशिक्षाविभागद्वारापढ़ायाजारहाहै।शिक्षाविभागकीतरफसेब्लाइंडविद्यार्थियोंकेलिएऑनलाइनशिक्षादीजारहीहै।रोजानाविद्यार्थियोंकोओडियोक्लिपबनाकरभेजीजातीहै।वहींडेफएंडडंबकीबातकीजाएतोजिलेमेंकरीब146बच्चेहैं।ऑनलाइनपढ़ाईकेमामलेमेंअगरअध्यापकोंकेअनुसारऐसेबच्चोंकोस्टडीकरवानामुश्किलकार्यहै,फिरभीकोशिशकीजातीहै।कुछऐसेबच्चेभीहै,जिनकेपासस्मार्टफोननहींहै,वहींअभिभावकोंकीस्थितिभीऐसीनहींहैकिवहस्मार्टफोनलेसके।इसविषयपरनेत्रहीनदिव्यांगबच्चोंकोकहनाकिउनकोऑनलाइनपढ़ाईकेदौरानलिखनेकीप्रैक्टिक्सनहीहोपारही,जोकिपहलेस्कूलमेंअच्छेहोजातीथी।

अध्यापकोंकोनेत्रहीनबच्चोंकोघरजाकरसमझानापड़रहा

जिलेमेंकरीब28नेत्रहीनविद्यार्थियोंकोरोजानापढ़ाईकेलिएमैटीरियलभेजाजाताहै,लेकिनकहींनकहींऐसेविद्यार्थियोंकोपढ़ाईकरवानाकाफीमुश्किलकार्यबनचुकाहै।कुछविद्यार्थियोंकोसमझनहींआरहा।इसलिएविद्यार्थियोंकोघरजाकरअध्यापकोंकोपढ़ाईकरवानीपड़रहीहै।ऐसाहीएककेससामनेआयाजहांपरजोधपुरपाखरकेविद्यार्थीकोनेत्रहीनहोनेकीवजहसेऑनलाइनपढ़ाईसमझनहींआती।इसलिएअध्यापकोंनेउनकेघरजाकरपढ़ाईकरवानाहीजरूरीसमझा।

सरकारनेनहींकीकोईगाइडलाइनजारी

नेत्रहीनविद्यार्थियोंकीबातकीजाए,तोजिलेमेंइनविद्यार्थियोंकीपढ़ाईकेलिएकोईनईगाइडलाइनजारीनहींकीगई।अभीतकजोभीपढ़ाईहोरहीहै,वोसिर्फअध्यापकोंकीतरफसेकरवाईजारहीहै।अध्यापकोंद्वारानेटकाप्रयोगकरअपनेतरीकेसेमैटीरियलबनायाजारहाहै,जोकिसमयसमयपरभेजाजारहाहै,वहींसरकारद्वारानेत्रहीनदिव्यांगबच्चोंकोअनदेखाकियाजारहाहै।

परेशानीतोहोतीहै

बच्चोंकोपढ़ाईकरवानेमेंसबसेबड़ीदिक्कतइनविद्यार्थियोंकेमाता-पितामेंआतीहै,जिनकेमातापिताअवेयरनहींहै।इसकारणहमेअधिकपरेशानीहोतीहै।स्कूलमेंविद्यार्थियोंकीप्रतिक्रियाकापताचलजाताहै,लेकिनइनबच्चोंनेघरमेंकार्यकियानहींकियाइसकीजानकारीलेनामुश्किलहोजातीहै।हमअभीबच्चोंकोरोजानाओडियोवीडियोक्लिपभेजजारहेहैं।

--मनप्रीतकौर,अध्यापक

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