कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी क्योंकि भारत सबसे पहले लॉकडाउन लागू करने वालों में था : मोदी

(हेडलाइनऔरइंटूोमेंसुधारकेसाथ)नयीदिल्ली,19अक्टूबर(भाषा)प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेसोमवारकोकहाकिआजभारतमेंकोरोनासंक्रमणकेमामलोंमेंकमीआईहैऔरइससेठीकहोनेकीदर88प्रतिशततकपहुंचगईहै।उन्होंनेकहाकिऐसाइसलिएसंभवहोसकाक्योंकिभारतसबसेपहलेलॉकडाउनलगानेवालेदेशोंमेंथाऔरलोगोंकोमास्कपहननेकेलिएप्रेरितकिया।‘‘ग्रैंडचैलेंजेस’’कीवार्षिकबैठककोसंबोधितकरतेहुएअपनेउद्घाटनभाषणमेंमोदीनेकहाकिकोविडसंक्रमणकाटीकाविकसितकरनेकेमामलेमेंहमअग्रिममोर्चेपरहैऔरइनमेंसेकुछतो‘‘एडवांसस्टेज(अग्रिमस्तर)’’परहैं।उन्होंनेकहाकिआजहमदेखरहेहैकिदेशमेंकोरोनासंक्रमणकेमामलेप्रतिदिनघटरहेहैंऔरइसकीवृद्धिकीदरमेंभीकमीआईहै।भारतमेंआजठीकहोनेकीदरभी88प्रतिशतहोगईहै।उन्होंनेकहा,‘‘ऐसाइसलिएसंभवहुआक्योंकिभारतसबसेपहलेलॉडाउनलागूकरनेवालेदेशोंमेंथा।भारतपहलेदेशोंमेंथाजिसनेमास्ककेइस्तेमालकोलेकरलोगोंकोप्रोत्साहितकिया।संक्रमणकापतालगानेकेलिएभारतनेप्रभावीतरीकेसेकामकियाऔररेपिडएंटीजनजांचशुरूकरनेवालेपहलेदेशोंमेंथा।’’उन्होंनेकहा,‘‘हमयहींरूकनेवालेनहींहैं।हमटीकावितरणकातंत्रभीविकसितकररहेहैं।’’मोदीनेकहाकिभारतनेस्वच्छताबढ़ानेऔरशौचालयोंकीसंख्याबढ़ानेसमेतअनेकप्रयासकियेहैंजोबेहतरस्वास्थ्यदेखभालप्रणालीमेंयोगदानदेरहेहैं।प्रधानमंत्रीनेविज्ञानऔरनवाचारमें‘‘सुनियोजितनिवेश’’काआहृवानकरतेहुएकहाकिविश्वकाभविष्यवहसमाजनिर्धारतकरेगाजोइनक्षेत्रोंमेंनिवेशकरेगालेकिनसहयोगऔरजनभागीदारीइसमेंप्रमुखभूमिकानिभाएंगे।उन्होंनेकहा,‘‘भविष्यवेसमाजतयकरेंगेजोविज्ञानऔरनवाचारमेंनिवेशकरेंगे।’’उन्होंनेकहाकियेनिवेशसुनियोजितहोनेचाहिएऔरअदूरदर्शीतरीकेसेनहींकियाजानाचाहिए।प्रधानमंत्रीनेकहाकिविज्ञानऔरनवाचारमेंनिवेशअग्रिमस्तरपरहोनाचाहिएताकिसहीसमयपरइसकालाभउठायाजासके।नवाचारोंकीयात्राकोसहयोगऔरजनभागीदारीसेनिर्धारितकियाजानाचाहिएक्योंकिविज्ञानकभीभीबंधीबंधाईकीलकीरोंमेंरहकरसमृद्धनहींहोसकता।प्रधानमंत्रीनेस्वच्छताऔरशौचालयकादायराबढ़ानेजैसेसरकारकेकदमोंकाउल्लेखकरतेहुएकहाकिइससेबेहतरस्वास्थ्यसुविधाएंविकसितकरनेमेंमददमिलीहै।उन्होंनेकहाकियहबैठकभारतमेंहोनातयहुआथालेकिनअबबदलीहुईपरिस्थितियोंमेंडिजीटलमाध्यमसेहोरहीहै।‘‘ग्रैंडचैलेंजेस’पिछले15वर्षोंसेस्वास्थ्यऔरविकासकेक्षेत्रमेंचुनौतियोंकासमाधानकरनेमेंनवाचारकेक्षेत्रमेंअंतर्राष्ट्रीयसहयोगबढ़ानेकेलिएकामकररहाहै।इसबैठककाआयोजन19से21अक्टूबरकेबीचहोरहाहै।इसकाउद्देश्यदुनियाभरकेअग्रणीवैज्ञानिकोंऔरनीतिनिर्माताओंकोएकमंचपरएकसाथलानाहैताकिउभरतीस्वास्थ्यचुनौतियांकासमाधानपानेकेलिएवैज्ञानिकसाझेदारीकोऔरप्रगाढ़कियाजासके।इसबैठकमेंविशेषजोर‘इंडियाफॉरदवर्ल्ड’केसाथकोविड-19पररहेगा।इसकार्यक्रमकेमाध्यमसेदुनियाकेनेताओंकेसाथ-साथजाने-मानेवैज्ञानिकऔरशोधकर्ताविचार-विमर्शकरेंगे।मंथनकेकेंद्रमेंमहामारीकेउपरांतटिकाऊविकासलक्ष्यकोआगेबढ़ानेकेलिएमुख्यप्राथमिकताएंऔरकोविड-19केप्रबंधनमेंउभररहीचुनौतियोंकासामनाहोगा।तीनदिवसीयकार्यक्रममेंनेताओंकीवार्ता,पैनलचर्चाऔरविभिन्नविषयोंपरअनौपचारिकविचार-विमर्शहोगाजिसमेंमहामारीसेसंघर्षमेंवैज्ञानिकदखल,महामारीकाप्रबंधनऔरइसमहामारीतथाआगामीसंभावितमहामारियोंसेलड़नेकेवैश्विकउपायोंकेक्रियान्वयनऔरविकासकोबढ़ावादेनाशामिलहैं।इसवार्षिकबैठकमेंलगभग40देशोंके1600प्रतिभागियोंकेभागलेनेकाअनुमानहै।‘‘ग्रैंडचैलेंजेस’’इंडियाकीस्थापनाभारतसरकारकेजैव-तकनीकीविभागऔरबिलएंडमिलिंडागेट्सफाउंडेशनकीसाझेदारसे2012मेंकियागयाथा।