लातूर की तरह दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में भी तरसा सकता है पानी

विश्वमोहन,नईदिल्लीलातूरमेंबूंद-बूंदपानीकेसंकटकेबीचअबदिल्ली,हरियाणाऔरराजस्थानमेंभीलोगोंकोऐसाहीसंकटझेलनेकीआशंकाजताईजारहीहै।इनजगहोंपरप्रतिव्यक्तिपानीकीउपलब्धतातेजीसेघटतीजारहीहै।इसआकलनकेमुताबिकअगरकुछनहींकियागयातोइनराज्योंकीस्थितिभीमराठवाड़ाकीतरहहोजाएगीजोलगातारदोसालोंसेसूखाझेलरहाहै।सेंट्रलग्राउंडवाटरबोर्ड(सीजीडब्ल्यूबी)नेदेशमेंभूजलकेस्तरकोलेकरहालियाआकलनजोकियाहै,वहखतरनाकहै।खासकरइनतीनराज्योंमेंजितनाभूजलकाइस्तेमालकियाजारहाहैउतनापानीरीचार्जनहींहोरहाहै।ऐसेमेंयेराज्यतेजीसेपानीसंकटकीओरबढ़रहेहैं।दिल्लीमेंहालियाइसकीएकझलकदेखनेकोभीमिली।जाटआंदोलनकेदौरानहरियाणासेपानीकीसप्लाइबंदहोनेसेतुरंतहाहाकारमचगया।सीजीडब्ल्यूबीकेएकपूर्ववैज्ञानिकशशांकशेखरनेकहाकिखेतीकेलिएपानीकाअंधाधुंधइस्तेमालपंजाबजैसेराज्यमेंसंकटबढ़ारहाहै।उन्होंनेकिसानोंकोफ्रीबिजलीवालीयोजनाभीबंदकरनेकीताकीदकीताकिभूजलकेदोहनकोरोकाजासका।उनकाकहनाहैकिखेतीमेंसबसेअधिकपानीकाइस्तेमालहोताहै।इसलिएड्रिपऔरफव्वारासिंचाईकोप्रमोटकरनेकीजरूरतहै।हालांकिमहाराष्ट्रमेंदूसरेराज्योंकेमुकाबलेभूजलकेइस्तेमालकीस्थितिठीकहै।लेकिनलातूरमेंराज्यकेऔसतसेकहींज्यादाभूजलकादोहनकियागया।इसीकानतीजाहैकिफिलहालमौजूदाकुओंतकमेंसेपानीखत्महोगयाहै।