ललित कला विभाग के नए निदेशक के सामने पहले से तैयार हैं कई चुनौतियां

दरभंगा।कामेश्वरसिंहदरभंगासंस्कृतविश्वविद्यालयकीबहुमूल्यसंपत्तिसमझाजानेवालाललितकलासंगीतविभागकेदिनअबबहुरनेवालेहैं।वर्षोंसेबंदपड़ेविभागकोगतिशीलबनानेकेलिएकुलपतिनेसाहित्यविभागाध्यक्षडॉ.रेणुकासिंहाकोविभागकाप्रभारीनिदेशकबनायागयाहै।हालांकि,नएनिदेशककेलिएडगरइतनीआसाननहींहै।फिलहालतोविभागकीस्थितदेखकरयहीप्रतीतहोताहैकिअबतकयहपूरीतरहउपेक्षाकाशिकाररहाहै।हालांकि,सीनेटकीबैठककेबादविभागकेकायापलटकीउम्मीदेंभीबढ़गईथी।जानकारोंकीमानेंतोयहविभागस्थापनासमयसेहीउपेक्षितरहा।पहलीबारस्थापनाकेबादकुछसत्रोंतकसंचालितहोनेकेबादविविप्रशासनकीउपेक्षाकेकारणविभागबंदहोगया।पुन:काफीप्रयासोंकेबाद2011-12मेंविभागकासंचालनशुरूतोहुआ,लेकिनउससमयनामांकनलेनेवालेछात्रोंकाभविष्यअभीतकअधरमेंहीलटकाहुआहै।जनवरी2012मेंविभागकेतहतविभिन्नविषयोंमेंनामांकनलेनेवालेलगभगसवासौछात्रआजभीविविकीपरिक्रमाकरनेकोमजबूरहैं।बदहालीवउपेक्षाकाआलमयहहैकिलगभगतीनसालबादजनवरी2015मेंउनकीपरीक्षाहुई।रिजल्टआनेमेंभीलगभगडेढ़साललगगए।जुलाई2016मेंरिजल्टप्रकाशितकियागया।अगलेवर्षकीपरीक्षाकोलेकरअभीतककिसीप्रकारकीसुगबुगाहटनहींहोनेसेछात्रोंमेंबेचैनीहै।इतनाहीनहीं2012केबादसेअभीतकफिरसेनएछात्रोंकानामांकनभीनहींलियाजासका।जानकारोंकीमानेंतोयदियहविभागपुन:बंदहोताहैतोयहविश्वविद्यालयकेलिएबहुतबड़ीक्षतिसाबितहोगी।

सातसत्रोंकेबादबंदहोगयाथाविभाग:

1984मेंस्थापितइसविभागकाउदघाटनतत्कालीनकुलाधिपतिडॉ.एआरकिदवईनेकियाथा।सातसत्रोंतकइसविभागमेंपठन-पाठनहुआएवंपरीक्षाएंभीहुई।यहांसेउत्तीर्णशतप्रतिशतछात्रबेहतररोजगारपानेमेंसफलताप्राप्तकरचुकेहैं।लेकिन,कुछतकनीकीकारणोंसेविभागकासंचालनबंदहोगया।पुन:राज्यसरकारकेअनापत्तिप्रमाणपत्रएवंकुलाधिपतिकीस्वीकृतिकेबादसत्र2011-12सेललितकलाएवंसंगीतविभागकेतहतछात्रोंकानामांकनप्रारंभहुआ।लेकिन,उसकेबादफिरसेनामांकनपरग्रहणलगगए।

नैकटीमनेबतायाथाविभागकामहत्व:

विविकामूल्यांकनकरनेपहुंचीनैकटीमनेभीविभागकामुआयनाकरनेकेबादइसेविविकीबड़ीसंपत्तिकरारदियाथा।नैकटीमनेसलाहदीथीकियदिविभागकोसुव्यवस्थितकियाजाएतोयहविविकोअंतर्राष्ट्रीयपहचानदिलासकताहै।विभागकेपासभवनवउपकरणोंकीकोईसमस्यानहींहै,लेकिननैकटीमकेसलाहकेबावजूदअभीतकविविमहकमेमेंयहविभागउपेक्षाकादंशहीझेलरहाहैऔरइसकाखामियाजाभुगतरहेहैंयहांकेनामांकितवनामांकनकोइच्छुकछात्र।

इनविधाओंकीहैसुविधा:

विभागमेंउपशास्त्रीस्तरपरललितकलामें40,कंठसंगीतमें25,तबलामें10वसितारमें6सीटउपलब्धहै।शास्त्रीस्तरपरचित्रकलामें12,मूर्तिकलामें8,व्यावहारिककलामें20,कंठसंगीतमें25,तबलामें10वसितारमें6सीटउपलब्धहै।आचार्यस्तरपरचित्रकलामें12,मूर्तिकलामें7,कंठसंगीतमें20,तबलामें10वसितारमें7सीटउपलब्धहै।वहीं,एकवर्षीयडिप्लोमास्तरपरमिथिलालोककला,मिथिलालोकसंगीत,ग्रामीणशिल्पकला,व्यावसायिककलाएवंछायांकनमें30-30सीटेंउपलब्धहै।वहीं,छहमाहकेप्रमाणपत्रकोर्सकेतहतछायांकनमें30सीटउपलब्धहै।

लोकसभाचुनावऔरक्रिकेटसेसंबंधितअपडेटपानेकेलिएडाउनलोडकरेंजागरणएप