मीडिया का हमारे जीवन पर सकारात्मक प्रभाव : यादव

जागरणसंवाददाता,रोहतक:बाबामस्तनाथविश्वविद्यालयकेमानविकीसंकायमेंसोमवारकोहिदीपत्रकारितादिवसकाआयोजनहिदीविभागवपत्रकारिताविभागकेसंयुक्ततत्वाधानमेंकियागया।कार्यक्रमकाशुभारंभसंकायअधिष्ठाताडा.बीएमयादवनेकिया।इसकेपश्चातपत्रकारिताविभागकेअध्यक्षडा.जेकेशर्मानेछात्रोंकोसंबोधितकरतेहुएबतायाकिमीडियालोकतंत्रकाचौथास्तंभहै।लोकतंत्रकेसाथ-साथमीडियाकाहमारेजीवनमेंमहत्वपूर्णयोगदानहै।पत्रकारिताकेमाध्यमसेहमेंरोजानाहोरहीअच्छी-बुरीघटनाओंकेबारेमेंजानकारीमिलतीहै।उन्होंनेविद्यार्थियोंकोअखबारपढ़नेकेलिएभीप्रोत्साहितकिया।वहीं,पत्रकारिताविभागकेसहायकप्राध्यापकडा.सुशीलकुमारनेपत्रकारिताकेइतिहासकोलेकरविद्यार्थियोंकोजानकारीदी।

उन्होंनेबतायाकिआजकेदिनसाल1826मेंहिदीभाषाकापहलाअखबार'उदन्तमार्तण्ड'प्रकाशितहोनाशुरूहुआथा।इसकाप्रकाशनतत्कालीनकलकत्ताशहरसेकियाजाताथाऔरपंडितजुगलकिशोरशुक्लनेइसेशुरूकियाथा।उन्होंनेपत्रकारिताकीपढ़ाईकरनेवालेछात्रोंकोबतायाकिपत्रकारबननेकेलिएहरविषयकाज्ञानहोनाजरूरीहोताहै।भाषापरसहीपकड़औरशब्दोंकेसहीचयनसेअखबारकीलेखनीकोसुधाराजासकताहै।औरइलेक्ट्रानिकमीडियामेंभीसहीशब्दोंसेबेहतरीनरिपोर्टिंगकरलोगोंकीआवाजकोबुलंदकियाजासकताहै।एकपत्रकारकोहमेशाअपनेकामकेलिएतैयाररहनाहोताहै।

इसमौकेपरडा.सुधीरमालिक,डा.मधुअहलावत,डा.ब्रह्मप्रकाश,डा.प्रदीपकुमार,डा.हरिओम,डा.जितेंद्र,डा.कमल,डा.बबलू,डा.वरूणकुमारझा,डा.पुष्पसहितअन्यछात्रमौजूदरहे।