मवेशी लेकर जहां-तहां भटक रहे हैं बाढ़ पीड़ित

सहरसा।सरकारवप्रशासनकीनजरमेंभलेहीबाढ़कीस्थितिभयावहनहींहुईहै,परंतुइसकेकारणहजारोंलोगअसहनीयपीड़ाझेलरहेहैं।गांव-घरोंमेंपानीलगनेऔरमवेशीकाचाराकीकिल्लतकेकारणसैकड़ोंपशुपालकअपनेमवेशीकोलेकरजहां-तहांभटकरहेहैं।विगततीनसप्ताहसेजिलामुख्यालयकेपटेलमैदान,मत्स्यविभागपोखरकेआगे,टूटेबाढ़पीड़ितशेडआदिजगहोंमेंखुलेआसमानकेनीचेशरणलिएहुएहैं।परंतु,इनलोगोंकाकोईहालचाललेनेवालानहींहै।कुसहात्रासदीकेसमयबनायागयाबाढ़आश्रयस्थलदेखरेखकेअभावमेंपूरीतरहसेजर्जरहोचुका,जोमनुष्यक्या,पशुकेसिरछिपानेलायकभीनहींबचाहै।ऐसेमेंकोईप्लास्टिककातंबूटांगकरतोकोईपेड़केनीचेशरणलिएहुएहैं।कहींचारेकेअभावमेंपशुओंकाहालतखराबहैतोकहींबीमारपशुओंकाईलाजनहींहोपारहाहै।इसकेलिएपशुपालकजहां-तहांभटकरहेहैं।परसबन्नीकेअंग्रेजकुमारयादवकहतेहैंकिउनलोगोंनेअपने-अपनेपरिवारकोरिश्तेदारोंकेयहांपहुंचाकरमवेशीलेकर20-25दिनोंसेयहांशरणलिएहुएहै,लेकिनकोईखोज-खबरलेनेवालानहींहै।संदीपरजकऔरभूवलेशयादवकहतेहैंकिसरकारबाढ़पीड़ितोंकेलिएमुकम्मलव्यवस्थाकरनेकादावाकरतीहै,परंतुहमलोगबाढ़ग्रस्तइलाकेसेयहांआकरभटकरहेहैं,कोईएकपॉलिथीनतकदेनेवालानहींहै।सितुआहाकेअमितयादव,दिनेशयादव,निर्धनयादव,बंटीयादव,सुकेशयादवआदिकाकहनाहैकिहमलोगगांवमेंपानीआने,भूसा-ठठेरआदिडूबजानेकेकारणपशुकोलेकरसहरसाआगए।यहांकोईव्यवस्थाहमलोगोंकेलिएनहींहै।बाढ़आनेकेछहमहीनापहलेसेपशुचाराव्यवस्थाकरनेकीबातहमलोगसुनतेथे,परंतुआजबाढ़प्रभावितक्षेत्रकापशुचारेकेलिएमररहाहै।चाराकोकौनकहे,एकप्लास्टिकतककोईउपलब्धनहींकरासका।ऐसेमेंअपनेपशुओंकेसाथवेलोगभगवानभरोसेखुलेआसमानकेनीचेगुजाररहेहैं।

पूछेजानेपरआपदाप्रबंधनप्रभारीपदाधिकारीराजेन्द्रदासनेकहाकिबाढ़पीड़ितोंकोहरसुविधअंचलस्तरसेमुहैयाकरायाजानाहै।यहांउनलोगोंकोकोईसुविधाउपलब्धनहींकरायाजासकता।इनलोगोंकोकिसीभीसहायताकेलिएअंचलसेसम्पर्ककरनाहोगा।