नोटबंदी के चार साल : प्रधानमंत्री ने कहा- काला धन कम हुआ, भाजपा व कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप

नयीदिल्ली,आठनवंबर(भाषा)नोटबंदीकेचारसालपूरेहोनेकेमौकेपरप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेरविवारकोकहाकिइससेकालेधनकोकमकरनेमेंमददमिलीहै,करअनुपालनमेंवृद्धिहुईहैऔरपारदर्शिताबढ़ीहै,वहींभाजपातथाकांग्रेसकेबीचइसमुद्देपरआरोप-प्रत्यारोपदेखनेकोमिला।कांग्रेसनेताराहुलगांधीनेनोटबंदीकोलेकरकेंद्रसरकारकीआलोचनाकरतेहुएआरोपलगायाकिचारसालपहलेप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकेउसकदमकामकसदअपनेकुछ“उद्योगपतिमित्रों”कीमददकरनाथाऔरइसनेभारतीयअर्थव्यवस्थाको“बर्बाद”करदिया।इसपरतीखीप्रतिक्रियाव्यक्तकरतेहुएभाजपानेकहाकिनोटबंदीकांग्रेसनीतसंप्रगसरकारकेदौरानव्याप्तभ्रष्टाचारऔरकालेधनकीसमस्यापरएक‘‘हमला’’था।गांधीऔरकांग्रेसआरोपलगातेरहेहैंकि2016मेंकीगईनोटबंदीलोगोंकेहितमेंनहींथीऔरइसनेअर्थव्यवस्थापरविपरीतअसरडालाहै।इसआरोपकासरकारनेबार-बारखंडनकियाहै।प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेआठनवंबर,2016कोटेलीविजनपरदेशकेनामअपनेसंबोधनमेंउसीदिनआधीरातसे500रुपयेऔर1000रुपयेकेनोटोंकोबंदकरनेकीघोषणाकीथी,जोउससमयचलनमेंथे।मोदीनेआजट्विटरपरविमुद्रीकरणकेअपनीसरकारकेफैसलेकेलाभोंकोगिनाया।उन्होंनेट्वीटकिया,‘‘नोटबंदीनेकालेधनकोकमकरनेमें,करअनुपालनबढ़ानेमेंतथापारदर्शितासुदृढ़करनेमेंमददकीहै।’’उन्होंनेकहा,‘‘येपरिणामदेशकीप्रगतिकेलिएबहुतलाभकारीरहेहैं।’’प्रधानमंत्रीनेअपनेट्वीटकेसाथएकग्राफिकभीसाझाकियाहै,जिसमेंदर्शायागयाहैकिकिसतरहसेविमुद्रीकरणसेकरजमाहोनेमेंवृद्धिहुई,करतथाजीडीपीअनुपातबढ़ा,भारतअपेक्षाकृतकमनकदीआधारितअर्थव्यवस्थाबनाऔरराष्ट्रीयसुरक्षाकोमजबूतीमिली।लेकिननोटबंदीकेविरोधमेंकांग्रेसकेऑनलाइनअभियान'स्पीकअपअगेंस्टडिमोडिजास्टर'केतहतजारीएकवीडियोमेंगांधीनेकहाकिसवालयहहैकिबांग्लादेशकीअर्थव्यवस्थाकैसेभारतकीअर्थव्यवस्थासे''आगेबढ़''गई,क्योंकिएकसमयथाजबभारतीयअर्थव्यवस्थादुनियाकीसबसेअच्छेप्रदर्शनवालीअर्थव्यवस्थाओंमेंसेएकथी।गांधीनेहिंदीमेंकहा,“सरकारकहतीहैकिइसकाकारणकोविडहै,लेकिनअगरयहवजहहैतोकोविडबांग्लादेशऔरविश्वमेंअन्यजगहभीहै।कारणकोविडनहीं,नोटबंदीऔरजीएसटीहैं।”कांग्रेसकेपूर्वअध्यक्षनेकहा,“चारसालपहलेप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेभारतीयअर्थव्यवस्थापरएकहमलाशुरूकियाथा।उन्होंनेकिसानों,श्रमिकोंऔरछोटेदुकानदारोंकोनुकसानपहुंचायाथा।मनमोहनसिंहजीनेकहाथाकिअर्थव्यवस्थाकोदोप्रतिशतकानुकसानहोगा,औरयहहमनेदेखाथा।”गांधीनेकहाकिप्रधानमंत्रीनेकहाथाकियहकालेधनकेखिलाफलड़ाईहै,लेकिनऐसानहींहै।गांधीनेआरोपलगाया,“यहएकझूठथा।यहआपपरहमलाथा।मोदीआपकापैसालेनाचाहतेथेऔरउसेअपने2-3उद्योगपतिमित्रोंकोदेनाचाहतेथे।आपलाइनोंमेंखड़ेहुए,उसलाइनमेंउनकेउद्योगपतिमित्रनहींथे।आपनेअपनापैसाबैंकोंमेंरखाऔरप्रधानमंत्रीमोदीनेउसपैसेकोअपनेदोस्तोंकोदेदियाऔरउन्हें3,50,000करोड़रुपयेकीकर्जमाफीदी।”हालांकि,राहुलगांधीनेकर्जमाफीकेअपनेदावेकेसमर्थनमेंकोईसाक्ष्यनहींदिया।प्रतिक्रियामेंभाजपानेकहाकिनोटबंदीदेशकेलिएअच्छीथीऔरइससेअर्थव्यवस्थाकीसफाईहुई।भाजपाकेराष्ट्रीयप्रवक्ताराजीवचंद्रशेखरननेयहांपार्टीमुख्यालयमेंसंवाददातासम्मेलनमेंकहा,‘‘नोटबंदीव्यवस्थागतआर्थिकभ्रष्टाचारऔरकालेधनकीअर्थव्यवस्थाकेलिएएकझटकाथी।तबसेसंगठितअर्थव्यवस्थामजबूतहुईऔरसमाजकेसभीवर्गोंकेलिएअप्रत्याशितआर्थिकलाभलाई।’’चंद्रशेखरननेकहा,‘‘अगरकोईहैजिसेलूटऔरअर्थव्यवस्थाकेकुप्रबंधनकेबारेमेंबातनहींकरनीचाहिएतोवोकांग्रेसकेलोगहैं।कांग्रेसनीतसंप्रगसरकारकेबर्बाद10सालमेंदेशकीअर्थव्यवस्थामेंकालाधनऔरभ्रष्टाचारअनियंत्रितथा।’’संयुक्तप्रगतिशीलगठबंधन(संप्रग)2004से2014तककेंद्रकीसत्तापरदोकार्यकालतककाबिजथा।चंद्रशेखरननेकहाकि2014सेमोदीसरकारनेआर्थिकबदलावशुरूकियेऔरनोटबंदीइसकाहिस्साथीताकिसुनिश्चितहोकिसरकारकीयोजनाओंकालाभबिनाभ्रष्टाचारकेगरीबोंऔरवंचितलोगोंतकपहुंचे।कांग्रेसनेआज‘विश्वासघातदिवस’मनाया।कांग्रेसमहासचिवअजयमाकननेसंवाददातासम्मेलनमेंपूर्वप्रधानमंत्रीमनमोहनसिंहद्वारा24नवंबर2016कोदिएगएवक्तव्यकाउल्लेखकिया।सिंहनेवक्तव्यमेंकहाथा,“जिसप्रकारइसयोजनाकोक्रियान्वितकियागयाहै,वहप्रबंधनकीबड़ीविफलताहैऔरयहसंगठिततथावैधानिकरूपसेआमलोगोंकीलूटकामामलाहै।”माकननेकहा,“मोदीजीकीसरकारनेनोटबंदीकरनेकेनिर्णयकेकारणोंपरस्पष्टीकरणदेतेहुएकईबारबयानबदलाहै।”माकननेनोटबंदीकेफैसलेकेसमर्थनमेंदीगईदलीलोंकाबिंदुवारखंडनकिया।कांग्रेसद्वारानोटबंदीकेविरोधमेंचलाएजारहेऑनलाइनअभियानकेतहतपीचिदंबरमनेकहा,“प्रत्येकशासकऔरसरकारकोजोपहलासबकसीखनाचाहिए,वहयहहैकिअगरआपलोगोंकेलिएअच्छाकामनहींकरसकतेतोउन्हेंनुकसानभीमतपहुंचाइये।भाजपानीतराजगसरकारनेआठनवंबर2016कोभारतकीअर्थव्यवस्थाकोबड़ानुकसानपहुंचायाथा।”इसकेअलावामल्लिकार्जुनखड़गे,शशिथरूरऔरसलमानखुर्शीदजैसेवरिष्ठनेताओंनेभीइसमुद्देपरसरकारकीआलोचनाकी।