पानी को बचाना भी देश सेवा का ही रूप है, मन की बात में बोले पीएम - वनस्पतियों की विरासत को संजोना है

नईदिल्लीप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेरविवारकोजलसंरक्षणकोदेशसेवाकाएकरूपबतायाऔरदेशवासियोंसेपानीबचानेकीअपीलकी।उन्होंनेइसकेसाथहीवनस्पतियोंकोभारतकीसदियोंपुरानीविरासतबतातेहुएइन्हेंसंजोनेकाभीआग्रहकिया।आकाशवाणीकेमासिकरेडियोकार्यक्रम‘मनकीबात’केताजासंस्करणमेंमोदीनेकहाकिदेशमेंअबमानसूनकामौसमआगयाहैऔरबादलजबबरसतेहैंतोवहआनेवालीपीढ़ियोंकेलिएभीबरसतेहैं।जलसंरक्षणदेशसेवाकाहीएकरूपउन्होंनेकहा,‘‘बारिशकापानीजमीनमेंजाकरइकट्ठाभीहोताहैऔरजमीनकेजलस्तरकोभीसुधारताहै।इसलिएमैंजलसंरक्षणकोदेशसेवाकाहीएकरूपमानताहूं।’’जलसंरक्षणकेक्षेत्रमेंदेशकेविभिन्नहिस्सोंमेंकामकररहेलोगोंसेसंवादकरतेहुएप्रधानमंत्रीनेकहा,‘‘इनसभीसेप्रेरणालेतेहुएहमअपनेआस-पासजिसभीतरहसेपानीबचासकतेहैं,हमेंबचानाचाहिए।मानसूनकेइसमहत्वपूर्णसमयकोहमेंगंवानानहींहै।’’उत्तराखंडकेटीचरकेप्रयासोंकोसराहाउत्तराखंडकेपौड़ीगढ़वालकेशिक्षकसच्चिदानंदभारतीद्वाराजलसंरक्षणकेक्षेत्रमेंकिएजारहेप्रयासोंकीसराहनाकरतेहुएउन्होंनेकहाकिउनकीमेहनतसेपौड़ीगढ़वालकेउफरैंखालक्षेत्रमेंपानीकाबड़ासंकटसमाप्तहोगयाहैजबकिपहलेवहांकेलोगपानीकेलिएतरसतेथे।पहाड़ोंमेंजलसंरक्षणकेपारंपरिकतरीके‘‘चालखाल’’काउल्लेखकरतेहुएमोदीनेकहाकिभारतीनेउसमेंकुछनएतौर-तरीकोंकोभीजोड़दियाऔरलगातारछोटे-बड़ेतालाबबनवाए।MannKiBaat:कोरोनासंकटपर'मनकीबात'मेंक्या-क्याबोलेपीएममोदी,देखिएबांदाकेअधावगांवकाकियाजिक्रउन्होंनेकहा,‘‘इससेनसिर्फउफरैंखालकीपहाड़ीहरी-भरीहुई,बल्किलोगोंकीपेयजलकीदिक्कतभीदूरहोगई।आपयेजानकरहैरानरहजाएंगेकिभारतीऐसी30हजारसेअधिकजल-तलैयाबनवाचुकेहैं।उनकायेभागीरथकार्यआजभीजारीहैऔरअनेकलोगोंकोप्रेरणादेरहेहैं।’’उत्तरप्रदेशकेबांदाजिलेकेअंधावगांवमेंजलसंरक्षणकेलिएचलाएजारहेअभियान‘‘खेतकापानीखेतमें,गांवकापानीगांवमें’’काउल्लेखकरतेहुएप्रधानमंत्रीनेकहाकिइससेबारिशकापानीखेतमेंइकट्ठाहोनेलगाऔरजमीनमेंजानेलगा।पानी...पेड़औरपैसातीनोंमिलेगाउन्होंनेगांववासियोंकेप्रयासोंकीसराहनाकरतेहुएकहा,‘‘अबयेसबलोगखेतोंकीमेड़परपेड़लगानेकीभीयोजनाबनारहेहैं,यानीअबकिसानोंकोपानी,पेड़औरपैसा,तीनोंमिलेगा।अपनेअच्छेकार्योंसे,पहचानतोउनकेगांवकीदूर-दूरतकवैसेभीहोरहीहै।’’प्रधानमंत्रीनेकहा,‘‘पृथ्वीपरऐसीकोईवनस्पतिहीनहींहैजिसमेंकोईनकोईऔषधीयगुणनहोऔरहमारेआस-पासऐसेहीऐसेपेड़पौधेहोतेहैंजिनमेंअद्भुतगुणहोतेहैं।’’PMमोदीनेहरदोईकेकिसानसेकीसीधीबात,जानेंकैसेखेतीकरतेहैंअरविंदकुमारएमपीकेकिसाननेबनायादेशीसंग्रहालयउन्होंनेकहा,‘‘वास्तवमें,यहतोहमारीसदियोंपुरानीविरासतहै,जिसेहमेंहीसंजोनाहै।’’इसीदिशामेंमध्यप्रदेशकेसतनाकेरामलोटनकुशवाहाकीओरसेकिएजारहेप्रयासोंकीसराहनाकरतेहुएप्रधानमंत्रीनेबतायाकिउन्होंनेअपनेखेतमेंएकदेशीसंग्रहालयबनायाहैऔरउसमेंसैकड़ोंऔषधीयपौधोंऔरबीजोंकासंग्रहकियाहै।स्थानीयवनस्पतियोंसेबनेगीपहचानउन्होंनेकहा,‘‘वाकई,यहएकबहुतअच्छाप्रयोगहैजिसेदेशकेअलग–अलगक्षेत्रोंमेंदोहरायाजासकताहै।मैंचाहूंगाआपमेंसेजोलोगइसतरहकाप्रयासकरसकतेहैं,वोज़रूरकरें।इससेआपकीआयकेनएसाधनभीखुलसकतेहैं।एकलाभयेभीहोगाकिस्थानीयवनस्पतियोंकेमाध्यमसेआपकेक्षेत्रकीपहचानभीबढ़ेगी।’’भारतप्रथम’’सभीकेजीवनकामंत्रहोनाचाहिएप्रधानमंत्रीनेअपनेसंबोधनकेदौरानआजादीके75वर्षकेअवसरपरमनाएजानेवालेअमृत-महोत्सवकाउल्लेखकियाऔरकहाकिआजादीकेबादकेइससमयमें‘‘भारतप्रथम’’सभीकेजीवनकामंत्रहोनाचाहिएऔरयहीहरफैसलेवनिर्णयकाआधारभीहोनाचाहिए।उन्होंनेदेशवासियोंसेअमृत-महोत्सवसेसंबंधितसभीकार्यक्रमोंसेजुड़नेकाअनुरोधकिया।