पानी को मोहताज लोग लाइन में खड़े रह करते अपनी बारी का इंतजार

दरभंगा।पानीकेटैंकरोंकेपीछेभागतीलोगोंकीभीड़वपानीलेनेकेलिएमारामारीकीस्थितिहैयहां।यहतस्वीरराजस्थानकेकिसीइलाकेकीनहीं,बल्किकभीबाढ़ग्रस्तइलाकेकेनामसेचर्चितदरभंगाशहरकेमिर्जापुरकेइंदिरागांधीचौककीहै।यहपहलीबारहैजबमोहल्लेकेलोगोंकोपानीकेलिएलाईनलगनापड़रहाहै।शहरकेकुछइलाकेपिछलेचारवर्षोंसेभीषणजलसंकटकीचपेटमेंहै।लेकिनपिछलेएकसालसेशहरकेकईइलाकोंमेंपानीकेलिएत्राहिमामकीस्थितिबनरहीहै।नगरनिगमटैंकरोंकेजरिएपानीकीसप्लाईकररहाहै।लेकिनइससेलोगोंकीप्यासपूरीतरहसेनहींबुझरहीहै।जैसे-तैसेलोगअपनाकामकरनेकोविवशहै।अधिकांशइलाकोंमेंसड़ककिनारेलगाएगएचापाकलसूखचुकेहैं।घरोंमेंलगामोटरजबावदेनेलगाहै।लोगपूरीरातरतजगाकरपानीभरनेकोमजबूरहैं।चापाकलऔरमोटरफेलहोनेकेकारणअबलोगसममर्सिबलगड़ानेकोविवशहैं।नगरनिगमकीओरसेप्रतिदिनशहरीक्षेत्रकेविभिन्नवार्डोंमें80-90टैंकरोंकेजरिएपानीकीसप्लाईकीजारहीहै।डीएमडॉ.त्यागराजनएसएमस्वयंस्थितिपरनजरबनाएहुएहैं।संबंधितअधिकारियोंऔरबीडीओकोनियमितपानीकाअनुश्रवणकरनेकानिर्देशदियागयाहै।

भू-गर्भीयजलस्तरमेंआईगिरावट:

पहलेकीतुलनामेंभू-गर्भीयजलस्तरमेंकाफीगिरावटदर्जकीगईहै।शहरीक्षेत्रमेंपहलेजहां18से20फीटपरपानीकालेयरहुआकरताथा,वहअब30फीटनीचेतकचलागयाहै।इसकाकारणहैकिपूर्वमेंलगेअधिकांशचापाकलोंसेपानीनहींनिकलरहाहै।पुरानेचापाकलोंकीजगहनएचापाकललगाएजारहेहै।इनमेंसेभीकुछकामकररहेहैतोकुछनहीं।जोचापाकलकामकेहै,वहांपूरेदिनपानीलेनेकीहोड़लगीरहतीहै।इधर,कुछस्थानोंपरस्टैंडपोस्टकेजरिएभीलोगपानीलेरहेहै।लेकिनयहनाममात्रकेहै।

अतिक्रमणकरतालाबोंपरकियाकब्जा:

सरकारीकर्मचारियोंकीमिलीभगतसेशहरमेंअवस्थितकईतालाबोंकोभू-माफियाओंनेभरकरबेचदियायाफिरउसपरकब्जाजमालिया।इतनाहीनहीं,बड़ीनालियोंकोभीभरदियागया।इसकाममेंअतिक्रमणकारियोंकोसरकारीकर्मियोंकाखूबसाथमिला।रही-सहीकसरकुछजनप्रतिनिधियोंनेपूरीकरदी।पावरमेंआतेहीकर्मियोंकोअपनेदबावमेंलाकरकईतालाबोंपरकब्जाजमालिया।यहखेलआजभीबदस्तूरजारीहै।शहरीक्षेत्रमेंलोगोंकोहोरहीपानीकीदिक्कतपरसबनेचुप्पीसाधरखीहै।कोईभीजनप्रतिनिधिइसपरबोलनेसेपरहेजकररहेहैं।खैर,वर्तमानमेंजोछोटे-बड़ेतालाबबचेभीहुएहैं,उन्हेंभरनेकीभरसककोशिशकीजारहीहै।सरकारीतंत्रइनपरकार्रवाईकरनेसेभीपरहेजकरताहै।कारणयहहैकिइनकीपहुंचऊपरतकहोतीहै।

नल-जलयोजनाकानहींमिलरहालाभ:

शहरीक्षेत्रकीबातकरेंतोलोगोंकोनल-जलयोजनाकालाभनहींमिलरहा।पीएचईडीऔरनगरनिगमप्रशासनकीउदासीनताकेकारणसरकारकीयहड्रीमयोजनाधरातलपरनहींउतरसकीहै।बतायाजाताहैकिपूर्वसेजोपाईपलाईनबिछायागयाहै,वहजगह-जगहसेलीकेजहै।दूसरीतरफ,पाइपलाईनकोसड़ककेएककिनारेसेदूसरेकिनारेतकलेजानेकेलिएसड़ककाटनेकीअनुमतिकईस्थानोंपरनहींदीजारहीहै।बतादेंकिएकदशकपूर्वशहरीजलापूर्तियोजनाकेतहतपीनेकेपानीकेलिएकरीब33करोड़रूपयेकाभुगतानपीएचईडीकोनगरनिगमप्रशासनकीओरसेकियागयाथा।जगह-जगहजलमीनारोंकानिर्माणहुआ,स्टैंडपोस्टलगाएगएलेकिनपानीकीएकबूंदतकनहींटपकी।

पहलेटीवीमेंदेखतेथेतस्वीर,अबखुदपरबीतरही:

इंदिराचौकनिवासीहुकमदेवयादव,शशिकांतझा,मोहनझा,सागरचौधरीआदिनेबतायाकिपहलीबारपानीकीइतनीगंभीरसमस्याहुईहै।लोगोंकोपानीकेलिएलाईनमेंखड़ारहनापड़ताहै।पहलेटीवीमेंऐसीतस्वीरेदेखतेथे,आजखुदपरबीतरहीहैतोपरेशानीसमझमेंआरहीहै।जनप्रतिनिधिऔरसरकारीतंत्रपूरीतरहसेजलसंकटसेशहरवासियोंकोनिजातदिलानेमेंअसफलसाबितहोरहाहै।जनप्रतिनिधियोंनेअपनेपावरकागलतउपयोगकरकईतालाबोंकोभरदियाहै।इसकेकारणयहसमस्याउत्पन्नहुईहै।समयरहतेयदिइसओरध्याननहींदियागयातोस्थितिऔरभीभयावहहोगी।

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