पानी सहेजने के प्रयास में लगा मवि चितविश्राम

श्रीबंशीधरनगर:दैनिकजागरणकेअभियानकितना-कितनापानीकाअसरहोनेलगाहै।लोगजलसंरक्षणकेप्रतिजागरूकहोकरकार्यकरनेलगेहैं।चापाकलपरयूंहीबहकरबर्बादहोनेवालेपानीकोसंरक्षितकरनेकेलिएसोख्ताकानिर्माणहोरहाहै,साथहीबरसातकापानीअधिकसेअधिकसंरक्षितहोइसदिशामेंभीलोगकदमबढ़ारहेहैं।मध्यविद्यालयचितविश्रामकेशिक्षकशिक्षिकावबच्चोंनेजलसंरक्षणकासंकल्पलेकरविद्यालयप्रांगणमेंलगेसभीचारोंहैंडपंपकेनिकटसोख्ताकानिर्माणकररहेहैं।ताकिचापाकलकाजोपानीयूंहीबहकरबर्बादहोजाताथा।अबवहपानीधरतीमेंजाकरवाटरलेवलकोरिचार्जकरऊपरलाएगा।विद्यालयप्रांगणमेंदशकोंपहलेबनाकुआंबेकारपड़ाहुआहै।विद्यालयपरिवारकाप्रयासहैकिबेकारपड़ेकुआंमेंविद्यालयपरिसरमेंवर्षाजलकोसंरक्षितकरनेकेलिएरास्ताकानिर्माणकियाजाए।ताकिउक्तकुआंमेंबरसातकाएकएकबूंदपानीजाकरसंरक्षितहो।इतनाहीनहींबरसातकाजोपानीउक्तकुआंमेंनहींजापाएगा।वहबगलकेबड़ातालाबमेंजाकरसंरक्षितहोइसकेलिएपहलेसेहीरास्ताबनायाहुआहै।इसतरहदेखाजाएतोमध्यविद्यालयचितविश्रामदैनिकजागरणकेजलसंरक्षणसेसंबंधितअभियानसेप्रभावितहोकरएक-एकबूंदपानीकोसहेजनेकाप्रयासकररहाहै।प्रधानाध्यापकद्वारिकानाथपांडेय,शिक्षककमलेशपांडेय,सुशीलपांडेय,अजयकुमार,नरेंद्रप्रसादश्रीवास्तव,रेनूदेवी,पूनमकुमारी,शारदाकुमारी,छात्रहरिओमकुमार,सूरजचौधरी,विकासकुमार,ओमकुमार,शहनाजअंसारी,आशिकअंसारीसहितपूराविद्यालयपरिवारजलसंरक्षणकेप्रतिगंभीरहोकरइसदिशामेंकार्यकररहाहै।विद्यालयपरिवारकीओरसेग्रामीणोंकोभीजलकामहत्वबताकरएकएकबूंदजलसंरक्षितकरनेकेलिएप्रेरितकियाजाएगा।