पाये गांव में पानी के अभाव में रोपाई को तरसे खेत

संवादसूत्र,गरुड़:तहसीलकेपायेगांवमेंखेतपानीकेअभावमेंरोपाईकोतरसरहेहैं।आलमयहहैकिसिचाईविभागकीअनदेखीकेचलतेकाश्तकारोंनेअभीतकधानकीएकपौधभीनहींरोपीहै।आक्रोशितकाश्तकारोंनेसिचाईविभागमेंआंदोलनकरनेकीचेतावनीदीहै।

आषाढ़माहकाआधामहीनाबीतनेकोहै।लेकिनपायेगांवमेंकाश्तकारअभीतकरोपाईकाकार्यशुरुनहींकरपाएहैं।इसकाकारणहैअभीतकसिचाईविभागभेटा-पायेनहरमेंपानीनहींचलापायाहै।काश्तकारोंकीधानकीपौधबड़ीहोगईहै।काश्तकारोंकाकहनाहैकिबादमेंनर्सरीसेपौधनिकालनेमेंजड़टूटजातीहै।जिससेधानकीपौधविकसितनहींहोपातीहैऔरखेतबंजरहोजाताहै।प्रगतिशीलकाश्तकारगोपालसिंहनेगी,मोहनदा,गोपालदत्तजोशी,महेंद्रसिंह,माधवानन्दभट्ट,विनोदभट्ट,भुवनपांडेआदिनेचेतावनीदेतेहुएकहाकियदिनहरमेंशीघ्रपानीनहींचलायागयातोवेसिचाईविभागमेंतालाबंदीकरनेकोबाध्यहोंगे।इधरबयालीसेराकेहरगेड़ीतोकमेंभीपानीनपहुंचनेसेकाश्तकाररोपाईलगानेकाइंतजारकररहेहैं।

नहरोंमेंपानीचलानेकाप्रयासकियाजारहाहै।शीघ्रप्रत्येककाश्तकारकेखेततकपानीपहुंचायाजाएगा।रोपाईमेंविलंबनहींहोगा।

-हरीशचंद्रसती,एसडीओ,सिचाईविभाग,बैजनाथ