फसलों के साथ धरती की कोख सींच रहा तालाब

पीलीभीत,जेएनएन:पुरानेतालाबलुप्तप्राय:होतेजारहे,जबकिभूजलकोसहेजनेमेंपोखर-तालाबकीमहत्वपूर्णभूमिकारहतीहै।पुरानेजमानेमेंबुजुर्गइसेभलीभांतिसमझतेथे,इसीलिएयहांपीढि़योंसेएकविशालतालाबकासंरक्षणहोरहाहै।खासबातयहहैकियहतालाबकभीसूखतानहीं।वर्षभरपानीबनारहताहै।मानसूनसीजनमेंयहतालाबवर्षाजलकोसंरक्षितकरनेकेसाथहीभूजलकोरिचार्जकरनेमेंभीकारगारसाबितहोरहाहै।विकासखंडक्षेत्रकेग्राममुसेलीमेंरामकुमारकश्यपकेपूर्वजोंनेयहविशालतालाबखोदवायाथा।अपनेजीवनकालमेंतोवहइसकासंरक्षणकरतेहीरहे।साथहीपीढ़ीदरपीढ़ीइसेसहेजेरखनेकामंत्रभीदेगए।यहतालाबकरीबडेढ़सौसालपुरानाबतायाजारहाहै।तालाबकापानीपशुपक्षियोंकीप्यासबुझातारहाहै।भूजलसंरक्षणकोभीइससेबढ़ावामिलरहाहै।

इसतालाबकेदोसौमीटरकीपरिधिमेंभूजलकीस्थितिकाफीअच्छीहै।आसपासकेकिसानबतातेहैंकिसिर्फसात-आठमीटरकीगहराईपरखेतमेंबोरिगकरानेपरपानीनिकलनेलगताहैजबकिदूरकेक्षेत्रोंमेंजलस्तर12से14मीटरकीगहराईपरपानीमिलताहै।

यहतालाबगांवकेहीरामकुमारकश्यपकापुश्तैनीहै।वहइसेपूर्वजोंकीविरासतमानकरसहेजेहुएहैं।लगभगसातबीघाक्षेत्रफलमेंफैलायहतालाबउधरसेनिकलनेवालोंकाध्यानबरबसहीअपनीओरखींचलेताहै।रामकुमारनेबतायाकिउनकेरामदयालनेजमींदारीकेदौरमेंइसतालाबकीखोदाईकराईथी।दादाकेनिधनकेबादपिताभजनलालतालाबकीदेखरेखकरनेलगे।मृत्युहोनेकेबादवहतथाउनकेभाईनन्हेलालतालाबकीदेखरेखकररहे।आर्थिकतंगीकेबावजूदपरिवारनतोकोईतालाबमेंमछलीपालनकरताहैऔरनहीकमलगट्टा(भसीड़ा)यासिघाड़ाकीखेतीकरताहै।परिवारकाउद्देश्यजलसंरक्षणपरगांवपशुपक्षियोंकीप्यासबुझानाहै।हमारापरिवारपिछलेडेढ़सौवर्षोंसेइसतालाबकीदेखरेखकरताहैवर्षाऋतुसेपहलेहीतालाबकीखोदाईकरादीजातीहै।इसबारनहरसेतालाबमेंपानीभरा।अबबरसातकापानीभरनेलगाहै।

रामकुमारकश्यपदोनोंभाईपिताकीमृत्युहोनेकेबादसेतालाबकीदेखरेखकररहेहैं।तालाबकाजलसंरक्षणकरगांवकेपशुपक्षियोंकीप्यासबुझानाऔरधरतीकीकोखसूखनेनहींदेनाहीउद्देश्यहै।

नन्हेलालकश्यप