पंवालीकांठा बुग्याल में भूकटाव का अध्ययन करेंगे भूवैज्ञानिक

जागरणसंवाददाता,नईटिहरी:पंवालीकांठाबुग्यालमेंभूकटावऔरदरारपड़नेकेकारणोंकाअध्ययनकरनेकेलिएवनविभागएचएनबीगढ़वालकेंद्रीयविविऔरअन्यसंस्थानोंकेभूवैज्ञानिकऔरपर्यावरणवैज्ञानिकोंकीमददलेरहाहै।हालांकिवनविभागनेबुग्यालमेंभूकटावकाट्रीटमेंटशुरूकरदियाहै।

टिहरीजिलेमेंसमुद्रतलसे11500फीटकीऊंचाईपरस्थितपंवालीकांठाबुग्यालमेंबीतेकुछवर्षोंसेहोरहेभूकटावकोरोकनेकेलिएवनविभागइनदिनोंजूटकेजालसेट्रीटमेंटकररहाहै।लेकिन,यहांपरलगातारहोरहेभूकटावकेकारणजाननेकेलिएवनविभागभूवैज्ञानिकोंकीमददलेगा।डीएफओकोकोरोसेनेबतायाकि11399हेक्टेयरक्षेत्रमेंफैलेइसखूबसूरतबुग्यालपंवालीकांठाके2.5हेक्टेयरक्षेत्रमेंबड़ी-बड़ीदरारेंआगईथीऔरवनस्पतिभीनष्टहोरहीथी।इसीकोदेखतेहुएवनविभागनेपंवालीकांठाबुग्यालकाट्रीटमेंटशुरूकियाहै।लेकिनदरारेंपड़नेकास्पष्टकारणपतानहींचलपाएहैं।ऐसेमेंभूऔरपर्यावरणवैज्ञानिकोंकोयहांपरशोधऔरअध्ययनकेलिएबुलानेपरविचारकियाजारहाहै।जिसकेबादअसलीकारणसामनेआसकेंगे।पंवालीमेंमानवीयगतिविधिज्यादानहींहै।जोलोगट्रेकपरजातेहैंवहइकोफ्रैंडलीतरीकेसेरहतेहैं।ऐसेमेंपंवालीकांठामेंभूकटावकाठोसकारणसामनेआनेकेबादआगेबुग्यालकोसंरक्षितकरनेकेकार्यकीतैयारीकीजाएगी।