परिवारों को जोड़ना ही जिंदगी का ध्येय

जागरणसंवाददाता,उरई:भूमिसंरक्षणविभागसेसेवानिवृत्तबाबू¨सहसेंगरनेघरबैठकरआरामकरनेकेबजायखुदकोसमाजसेवाकेलिएसमर्पितकरदिया।महिलाऐच्छिकब्यूरोमेंसेवादेनेकेदौरानउन्होंनेसैकड़ोंबिछड़ेपरिवारोंकोमिलानेकाकामकिया।इसकेअलावाप्रत्येकवर्षपांचगरीबकन्याओंकाविवाहकरवातेहैं।

मोहल्लारामनगरनिवासीबाबू¨सहसेंगरवर्ष2005मेंभूमिसंरक्षणविभागसेनिरीक्षकपदसेरिटायरहुएथे।इसकेबादवेसमाजसेवामेंजुटगए।अपनीइसमुहिमकोसार्थककरनेकेलिएपुलिसविभागमेंगठितपरिवारपरामर्शकेंद्रकेसदस्यबनगए।जहांतमामऐसेमामलेआतेहैंजिनमेंपति-पत्नीकेबीचगलतफहमीकारणहुएमतभेदोंसेपरिवारबिखरनेकीकगारपरहोतेहैं।दोनोंपक्षोंकीकाउंसि¨लगकरनेकेबादवेउनकेबीचसुलहकरानेकीहरसंभवकोशिशकरतेहैं।संबंधितपक्षोंसेवेअभिभावककीतरहबातकरतेहैं,जिसकीवजहसेउनकीकहीहुईबातोंकाप्रभावीअसरहोताहै।अपनीसूझबूझसेवेदससालमेंसैकड़ोंपरिवारोंकोबिखरनेसेबचाचुकेहैं।वेबिनाकिसीवेतनकेमहिलाऐच्छिकब्यूरोमेंवेसेवाएंदेरहेहैं।चाहेमौसमकैसाभीहोवेपुलिसलाइनमेंसमयसेपहुंचतेहैं।पिछलेपांचवर्षोंसेउन्होंनेएककामऔरशुरूकिया।हरवर्षवेकमसेकमपांचसजातीयपरिवारोंकीगरीबकन्याओंकीशादीकरवातेहैं।इसकेलिएसमाजकेसक्षमलोगोंसेभीमददलेतेहैं।उनसेप्रेरणालेकरअबतमामलोगउनकीमुहिममेंशामिलहोगएहैं।