राजौरी में भी खिलने लगे केसर के फूल; 15 मरले में खिले 734 फूल, किसानों में उत्सुकता

राजौरी,जागरणसंवाददाता:जिसकेसरकीखेतीपहलेकश्मीरकेपंपोरवजम्मूसंभागकेकिश्तवाड़मेंहुआकरतीथी,अबवहखेतीराजौरीमेंभीहोनेलगीहै।जिलाप्रशासनवकृषिविभागकेसहयोगसेकोटधड़ापंचायतकेफतेहपुरगांवमेंएककिसानविशालचंद्रशर्मानेअपने15मरलेकेप्लाटपरकेसरउगाकरयहसाबितकरदियाकिकेसरकीखेतीराजौरीमेंभीहोसकतीहै।उनकोदेखकरअबअन्यकिसानभीकेसरकीखेतीकरनेकामनबनाचुकेहैं।

किश्तवाड़मेंकेसरकीखेतीसेप्रभावितहोकरराजौरीजिलाप्रशासननेजिलेमेंकेसरकीखेतीकाविचारकिया।विशालनेकहाकियहएकसपनाथा,जोसचहुआहै।मैंनेकभीनहींसोचाथाकियहांराजौरीमेंकेसरकीखेतीकीजासकतीहै।विशालनेकहाकिमैंनेपहलीबार15मरलेमेंखेतीकीऔरइसकेपरिणामबेहतरआएहैं।अबअगलेसीजनमेंकेसरकीखेतीऔरअधिकजमीनपरकरेंगे।

कृषिविभागकेअधिकारीरशीदअहमदनेकहाकिविशालचंद्रपहलेगेहूंऔरमक्काकीखेतीकररहेथे,लेकिनअबवहअधिकआयअर्जितकरनेऔरअपनीसामाजिक-आर्थिकस्थितिमेंसुधारकरनेकेलिएअपनेखेतोंमेंकेसरकीफसलउगानेलगेहैं।उन्होंनेबतायाकिजिलाप्रशासनवकृषिविभागदरहालसबडिवीजनमेंप्रायोगिकआधारपरइसपरियोजनाकोशुरूकररहाहै,क्योंकिइसक्षेत्रकेइलाकेऔरजलवायुकीस्थितिलगभगकिश्तवाड़केसमानहै।

पांपोरमेंकृषिविभागसेखरीदाबीज:विशालचंद्रकेपासकेवल15कनालभूमिहै,जिसमेंवहगेहूंऔरमक्काकीफसलउगारहाथा।वह15मरलाजमीनमेंकेसरकीखेतीकरनेकेलिएराजीहोगया,जिसकेलिएकेसरकाबीजकश्मीरकेपांपोरसेकृषिविभागनेखरीदाऔरउसेलगायागया।बीजकेअलावाकुछअन्यसहायताभीदीगई।

केसरउगानेकाकोईपूर्वअनुभवनहींहोनेकेकारणकिश्तवाड़केविशेषज्ञोंकीमददलीगई,जिन्होंनेकेसरकीखेतीमेंविशालचंद्रशर्माकीसहायताकी।उन्होंनेबतायाकिबीजकीबुआई24अगस्त2021कोकीगईथी।12दिसंबर2021कोखिलनाशुरूहुआ।खिलनेकीप्रक्रिया15दिनोंतकजारीरही,जिसकेपरिणामस्वरूपकुल734फूलऔरऔसतन45-50फूलप्रतिदिनखिले।

अगलेसीजनमेंऔरभीजगह:कृषिविभागकेरशीदअहमदनेकहाकिआसपासकेक्षेत्रकेकिसानभीप्रभावितहैंऔरउन्होंनेआगामीसीजनमेंकेसरकीखेतीकरनेकीइच्छाव्यक्तकीहै।उन्होंनेकहाकिकेसरकीखेतीलंबेसमयसेजम्मू-कश्मीरमेंसीमितभौगोलिकक्षेत्रतकसीमितरहीहै।मुख्यरूपसेकश्मीरकापांपोर।इसकेबादबड़गाम,श्रीनगरऔरजम्मूसंभागकाकिश्तवाड़जिलाहै,जहांकेसरकीखेतीहोतीहै।