राफेल मामले पर फैसले से न्यायालय की प्रतिष्ठा खतरे में : माकपा

नयीदिल्ली,20दिसंबर(भाषा)माकपानेराफेलमामलेमेंकेन्द्रसरकारको‘क्लीनचिट’देनेवालेउच्चतमन्यायालयकेफैसलेकोविवादितबतातेहुयेकहाहैकिइससेसर्वोच्चअदालतकीप्रतिष्ठाखतरेमेंपड़सकतीहै।माकपाकेमुखपत्र‘पीपुल्सडेमोक्रेसी’मेंप्रकाशितसंपादकीयलेखमेंपार्टीनेकहाहैकिगत14दिसंबरकोउच्चतमन्यायालयने36लड़ाकूविमानराफेलकीखरीदप्रक्रियाकोफ्रांसकेसाथआगेबढ़ानेकीमोदीसरकारकोअनुमतिदेनेकाविवादितफैसलासुनायाथा।पार्टीनेइसफैसलेकेविवादितहोनेकीदलीलदेतेहुयेकहा‘‘उच्चतमन्यायालयकीतीनसदस्यीयपीठकेफैसलेकीस्याहीसूखनेसेपहलेहीयहफैसलाविवादोंमेंघिरगया।’’पार्टीनेकहाकिइसमामलेमेंतथ्योंकोसीलबंदलिफाफेमेंमंजूरकरनेऔरचेहरोंपरभरोसाकरसरकारकीदलीलोंकोस्वीकारकरनेसेअदालतकीसाखखतरेमेंआगयी।इतनाहीनहींन्यायिकसमीक्षाकेमाध्यमसेइसमामलेमेंरक्षाखरीदप्रक्रियाकेउल्लंघनऔरविमानोंकीकीमतजाननेकेनागरिकोंकेअधिकारकोभीसीमितकरदियागयाहै।पार्टीनेकहाकिसर्वोच्चअदालतनेसाफकरदियाहैकिइनदोनोंबिंदुओंपरन्यायिकसमीक्षाकरनेकाकोईमकसदनहींहै।संपादकीयमेंमाकपानेइसमामलेमेंसरकारद्वारादीगयीजानकारीकेआधारपरफैसलेमेंमामूलीगलतियोंकोसुधारनेकेलिये15दिसंबरकोदीगयीअर्जीकीभीआलोचनाकीहै।पार्टीनेकहाकिसीलबंदलिफाफेमेंसरकारद्वारापेशकीगयीजानकारियांदेनेसेलेकरफैसलेमेंसंशोधनकरनेकीअर्जीदायरकरनेतकतमामबातोंनेइसफैसलेकोविवादितबनादियाहै।पार्टीनेइसकेमद्देनजरअदालतद्वाराखरीदप्रक्रियामेंमोदीसरकारकीखामियोंकीजांचकोजरूरीबतातेहुयेकहाकिउच्चतमन्यायालयकोयहजांचमुकम्मलकरनीचाहियेथी।