राष्ट्रपति ने इंटरनेट के नकारात्मक प्रभावों के प्रति आगाह किया

कोलकाता,18मई::राष्ट्रपतिप्रणबमुखर्जीनेप्रौद्योगिकीकेक्षेत्रमेंहुईप्रगतिऔरइंटरनेटकेनकारात्मकप्रभावोंकेप्रतिआगाहकरतेहुएआजकहाकिदुनियाकोइनताकतोंकेहानिकारकप्रभावोंकासीधेतौरपरसामनाकरनाअभीबाकीहै।उन्होंनेकहाकिनैतिकताकेबिनाराजनीति,राजनीतिनहींहै।राष्ट्रपतिपूर्ववर्तीप्रेसीडेंसीकॉलेजकेपूर्वप्राचार्यप्रोफेसरअमलकुमारमुखोपाध्यायकीपुस्तकमेटाफिजिक्स,मोरल्सएंडपॉलिटिक्सकीपहलीप्रतिहासिलकरनेकेबादआजशामयहांराजभवनमेंएककार्यक्रमकोसंबोधितकररहेथे।पुस्तककोउच्चतमन्यायालयकेसेवानिवृत्तन्यायाधीशअशोककुमारगांगुलीनेजारीकिया।हल्के-फुल्केअंदाजमेंमुखर्जीनेकहा,वहएकऔसतछात्र,बल्किऔसतसेभीकमतरछात्रथे।मुखर्जीनेपुस्तककेलेखककेसाथकॉलेजमेंअध्ययनकियाथा।राष्ट्रपतिनेकहाकिदुनियानेप्रौद्योगिकीकेक्षेत्रमेंऔरखासतौरपरमोबाइलऔरसंचारप्रौद्योगिकीऔरइंटरनेटकेक्षेत्रमेंजबर्दस्तप्रगतिकीहै।उन्होंनेकहाकिइंटरनेटकाइस्तेमालदुनियामेंहुईप्रगतिकोमापनेकाआजएकमहत्वपूर्णपैमानाहैऔरउन्होंनेइसकेहानिकारकप्रभावोंकेप्रतिआगाहकिया।उन्होंनेकहाकिनैतिकताकेबिनाराजनीतिकोईराजनीतिनहींहै।उन्होंनेकहा,यहबिल्कुलजरूरीहैऔरशायदहमारीअनेकदिशाहीन,आकस्मिककार्रवाईबिल्कुलत्वरितप्रतिक्रियासेनिकलरहीहै।इसअवसरपरराष्ट्रपतिऔरप्रोफेसरमुखोपाध्यायनेछात्रदिनोंकेसमयसेअपनेकरीबीसंबंधोंकोयादकिया।