सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर चर्चा नहीं : उच्चतम न्यायालय

नयीदिल्ली,तीनफरवरी(भाषा)उच्चतमन्यायालयनेविभिन्नधर्मोंमेंमहिलाओंकेखिलाफभेदभावकेमामलेसेनिपटनेकेसंबंधमेंचर्चाकेमुद्दोंकोतयकरनेकीप्रक्रियासोमवारकोशुरूकीऔरस्पष्टकियाकिवहकेरलकेसबरीमलामंदिरमेंसभीआयुवर्गकीमहिलाओंकेप्रवेशकेमामलेपरचर्चानहींकररहा।प्रधानन्यायाधीशएसएबोबडेकीअध्यक्षतामेंनौन्यायाधीशोंकीपीठनेकहाकिवहमामलेमेंतयकिएगएकानूनीप्रश्नोंऔरसमयसीमाकेबारेमेंपक्षोंकोछहफरवरीकोसूचनादेगी।पीठइसमुद्देपरभीगौरकरेगीकिक्यापुनर्विचारकेलिएविषयकोबड़ीपीठकोसौंपाजासकताहै।इसपीठमेंन्यायमूर्तिआरभानुमति,न्यायमूर्तिअशोकभूषण,न्यायमूर्तिएलनागेश्वरराव,न्यायमूर्तिएमएमशांतनागौडर,न्यायमूर्तिएसअब्दुलनजीर,न्यायमूर्तिआरसुभाषरेड्डी,न्यायमूर्तिबीआरगवईऔरन्यायमूर्तिसूर्यकांतशामिलहैं।सुनवाईकेदौरानवरिष्ठअधिवक्ताफालीएसनरीमन,कपिलसिब्बल,श्यामदीवानऔरराकेशद्विवेदीनेकहाकिपुनर्विचारकेअधिकारक्षेत्रकेदायरेमेंआनेवालेमुद्दोंकोवृहदपीठकोनहींभेजाजासकता।वरिष्ठअधिवक्ताओंनेतर्कदियाकिपुनर्विचारकेमामलेमें,संभावनाएंबहुतसीमितहोतीहैंऔरअदालतबसइतनादेखसकतीहैकिसमीक्षाकेतहतफैसलेमेंकोईस्पष्टगलतीहैयानहीं।सॉलीसीटरजनरलतुषारमेहता,वरिष्ठअधिवक्ताकेपरासनरऔररंजीतकुमारनेहालांकिदलीलकाविरोधकियाऔरकहाकिसर्वोच्चअदालतमामलेपरफैसलेकेदौरानउठेव्यापकमुद्देकोपुनर्विचारकेलियेबड़ीपीठकोसंदर्भितकरसकतीहै।पीठनेकहाकिवहसभीमुद्दोंकोदेखेगीऔरउनसवालोंकोतयकरेगीजिसकानिर्णयनौन्यायाधीशोंकीपीठकोकरनाहै।