सरस्वती नदी को धरातल पर लाने में जैन का रहा अहम योगदान

जागरणसंवाददाता,यमुनानगर:सरस्वतीनदीकोधरातलपरलानेकेलिएपद्मभूषणसेसम्मानितस्वर्गीयदर्शनलालजैनकाअहमयोगदानरहाहै।1989मेंउज्जैनसेआएडा.पद्मश्रीडब्ल्यूएसवाकंकरसेमुलाकातकेबादउन्होंनेसरस्वतीनदीकोपुनर्जीवितकरनेकीठानलीथी।दरअसल,कुछदिनोंबादडाक्टरवाकंकरकीअचानकमौतहोगई।तबजैनबहुतदुखीहुए।उनकेमनमेंबातआईकिजबउज्जैनकेविद्वानयहांपरआकरसरस्वतीकीखोजकररहेहैंतोइसकामकोवेक्योंनआगेबढ़ाएं।उनकाइरादामजबूतीपकड़गया।जैनमुस्तफाबाद(नयानामसरस्वतीनगर)केपाससरस्वतीनदीपरगए।नदीएकस्त्रोतकेरूपमेंबहतीमिली।नदीकीदुर्बलदशादेखकरबड़ेपरेशानहुए।वहांसेआदिब्रदी(उद्गमस्थल)तकसरस्वतीनदीकेकिनारेगए।वहींसेसरस्वतीनदीकोपुनर्जीवितकरनेकासंकल्पलिया।शहीदोंकोसम्मानदेनेकेलिएयोद्धास्मारकसमितिबनाई।पानीपतमेंयोद्धास्मारकभीतैयारहोरहाहै।जिनसड़कोंकेनाममुगलबदशाहोंकेनामहै।उनकेनामभीबदलवानेकाकामकररहेथे।बौद्धिस्टकेलिएभीकामकिया।उनकीबदौलतटोपरकलामेंदेशकासबसेबड़ाअशोकचक्रस्थापितहुआहैऔरभीकईसाइटोंपरकार्यचलरहाहै।बौद्धिस्टफोरमकेअध्यक्षसिद्धार्थगौरीकहतेहैंकिदर्शनलालजैनकासहयोगनमिलतातोयहकामनहींहोपता।यहकियासंघर्ष

सरस्वतीनदीकोपुनर्जीवितकरनेकेलिएकामशुरूकिया।मगरकुछदिक्कतेंआई।1999मेंसरस्वतीनदीशोधसंस्थानकारजिस्ट्रेशनकरवाया।तभीसेसंघर्षकीमुहिमशुरूकरदी।राजस्वसेरिकार्डनिकलवाया।जिलेके43गांवोंकेलोगोंकोसरस्वतीकीधार्मिकमान्यताओंकेबारेमेंबताया।वर्ष2000मेंराज्यपालबाबूमहावीरप्रसादसेआदिबद्रीमेंउद्गमस्थलकाशुभारंभकरवाया।2006मेंसिरसामेंसरस्वतीनदीपरआयोजितकार्यक्रममेंसिचाईमंत्रीकैप्टनअजययादवकोनदीकीबिगड़तीहालतकेबारेविस्तारसेबताया।21अप्रैल2008सरकारनेलेटरभेजकरउनकोचंडीगढ़बुलाया।इसबैठकमेंमेंओएनजीसीकेप्रतिनिधिभीशामिलहुए।ड्रिलकरनेकेलिएदोमई2008कोअनुमतिमिलगई।भाजपासरकारआनेपरसरवस्तीनदीकीखोदाईपरकामशुरूहुआ।पांचमई2015मेंखुदाईकेदौरानसातफीटकीगहराईपरपानीभीनिकला।यहांसेपुष्टिहुईथीनदीकी

ओएनजीसीअफ्रीका(लीबिया)केरेगिस्तानमेंतेलभंडारकेलिएड्रिलकररहाथा।565मीटरपरपानीकाभंडारमिला।उसकेबादओएनजीसीनेराजस्थानकेजैसलमेरमेंड्रिलकिया।वहांपरभीपानीकाभंडारमिला।हरियाणाकेकलायतऔरजैसलमेरसेमिलेपानीकेभंडारेकेसैटेलाइटसेफोटोवसैंपलभीलिएगए,जोसरस्वतीनदीकीपुष्टिकरतेथे।जैननेसरस्वतीकोबचानेकेलिएप्रदेशकेअलावाराजस्थानसहितअन्यजिलोंमेंभीगए।उन्होंनेआरएसएसकेलिएभीलंबेसमयतककामकिया।