त्याग व संघर्ष का नाम सोनिया गांधी : शैलेंद्र

मोतिहारी।कांग्रेसकेजिलाध्यक्षशैलेंद्रकुमारशुक्लनेकहाकिपार्टीसुप्रीमोसोनियागांधीत्यागऔरसंघर्षकीप्रतीकहैं।64वर्षोंकीअपनीजिंदगीमेंउन्होंनेहरमोड़औरमुकामपरसंघर्षकियाहै।उन्होंनेपरिवारपरलगातारहमलेऔरराजनीतिकरुपसेकमजोरकरनेकेसारेप्रयासोंकोधताबताकरयहसाबितकरदियाकिवेआयरनलेडीकीबहूहैंऔरनएभारतकीउम्मीद।वेयहांप्रजापतिआश्रमस्थितकांग्रेसजिलाकार्यालयमेंकांग्रेसअध्यक्षसोनियागांधीकेजन्मदिनवपूर्वमुख्यमंत्रीकेदारपाण्डेयकीजयंतीकेउपलक्ष्यमेंआयोजितसमारोहकोसंबोधितकररहेथे।उन्होंनेकहाकि1991मेंजबकांग्रेसकोसरकारबनानेकामौकामिलातोकांग्रेसकेसभीबड़ेनेताओंनेसोनियागांधीकोप्रधानमंत्रीबनानेकीपेशकशकीलेकिनसोनियाजीनेखुदकोसत्तासेदूररखा।प्रधानमंत्रीपदकासोनियागांधीकात्यागविश्वकीराजनीतिकेइतिहासमेंएकअतिमहत्वपूर्णघटनाहै।जिसपदकोपानेकेलिएदुनियाकेहरदेशमेंराजनेताएड़ीचोटीकाजोरलगातेरहतेहैं,उसीपदकोसोनियागांधीनेएकबारनहींतीनबारमनाकिया।वहींपूर्वमुख्यमंत्रीकेदारपाण्डेयकीचर्चाकरतेहुएकांग्रेसजिलाध्यक्षश्रीशुक्लनेकहाकिवेराज्यकेजनप्रियमुख्यमंत्रीरहे।उन्होंनेकेंद्रीयमंत्रीकेरुपमेंरेलवेकेक्षेत्रमेंकईमहत्वपूर्णकार्यकराए,साथहीचंपारणमुख्यालयकाविकेंद्रीयकरणकरइसकेविकासकामार्गप्रशस्तकिया।कार्यक्रमकोमो.ओसैदुर्रहमानउर्फरोमाखान,अफरोजअहमद,प्रो.विजयशंकरपाण्डेयआदिनेभीअपनेविचारव्यक्तकिए।